कभी फिल्मी कलाकार किसी भी राजनीतिक दल के स्टार प्रचारक हुआ करते थे।
भाजपा के शत्रुघ्न सिन्हा व मुकेश खन्ना, कांग्रेस के राजेश खन्ना और राज बब्बर चुनावी रैली के दौरान इस भूमिका को निभाते रहे हैं। ये कलाकार मतदाताओं को खींचने में माहिर माने जाते हैं।
लेकिन लगता है कि अब वक्त बदल गया है। मसलन भाजपा के लिए स्टार प्रचारक कोई फिल्मी कलाकार नहीं, केवल नरेंद्र मोदी ही हैं।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राज्य की भाजपा इकाई नरेंद्र मोदी को ही प्रचार के लिए बुलाना चाहती है।
यह भाजपा के लिए बेहद असमंजस की स्थिति है कि ऐसे में वह किसे ना कहे। हालांकि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता मोदी की बढ़ती डिमांड को पार्टी के लिए अच्छा मानते हैं।
इनका कहना है कि फिल्मी कलाकारों की तुलना में मोदी का लाव-लश्कर कम होता है और फिर मोदी भीड़ खींचने वाले लोकप्रिय नेता हैं। साथ ही मीडिया में भी खूब प्रचार होता है।
इस नेता का कहना है कि मोदी की बढ़ती डिमांड ने जरूर मुख्तार अब्बास नकवी की सिरदर्दी बढ़ा दी है। नकवी ही पार्टी के कार्यक्रमों से जुड़ी समितियों की अगुवाई करते हैं।
बीजेपी चाहती है कि 2 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच नरेंद्र मोदी कम से कम 25 रैलियों में जरूर दिखें।
भाजपा ने अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में मोदी से पार्टी को बहुत ही उम्मीद है।