शादी के कुछ महीने बीते थे कि पत्नी ने साथ रहने से इनकार कर दिया। ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी।
पति के शराब की लत ने उसे ऐसा करने पर मजबूर कर दिया क्योंकि पीने के बाद वह हैवानियत पर उतर जाता। उसे मारता-पीटता था।
एक रोज वह शराब के नशे में ससुराल पहुंच गया। पत्नी घर पर नहीं थी, उसने सास की आबरू लूट ली। कोर्ट ने उसे 10 साल जेल की सजा और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
घटना गुजरात के तापी जिले की है।
टीओआई के अनुसार, बागलपुर गांव का निवासी गमित पत्नी को मनाने के लिए अक्सर ससुराल जाता रहता था। पत्नी अपने भाई और मां के साथ गांव में रहती थी।
आठ अगस्त 2012 को वह नशे में धुत होकर ससुराल पहुंचा। वहां न तो पत्नी थी और न ही उसका भाई। सास को अकेले पाकर उसने उससे रेप किया।
गमित की पत्नी और साला घर आए तो मां को अस्पताल ले गए। उसके बाद रेप का मामला दर्ज कराया। गमित ने पुलिस को बताया कि उसकी सास पत्नी को उससे अलग होने के लिए उकसाती थी इससे वह नाराज था।
उसे इस बात का यकीन हो गया था कि सास के कहने पर ही पत्नी ने साथ रहने से इनकार किया है। फिर उसने सबक सिखाने के लिए सास से रेप किया।