देश के जवान का सिर काटने की पाकिस्तानी सेना की नापाक करतूत के बाद पाक प्रधानमंत्री परवेज अशरफ की जियारत यात्रा पर भारत के आदर सत्कार को लेकर भाजपा ने सवाल खड़े कर दिए तो कांग्रेस ने इन सवालों को थामने की कोशिश की।
भाजपा ने केंद्र सरकार की ओर से शिष्टाचार निभाने पर सवाल उठाए तो कांग्रेस ने इन सवालों को थामते हुए इसे देश की परंपरा करार दिया है।
दरअसल, सीमा के अंदर पाक सैनिकों द्वारा भारतीय जवान का सिर काटने की घटना से देशभर में पाक को लेकर नफरत का माहौल है।
इस घटना के बाद सरकार ने पाकिस्तान सरकार से भारतीय जवान का सिर मांगा था। मगर पाकिस्तान सरकार इस घटना से ही साफ मुकर गई थी।
भाजपा ने अशरफ की निजी यात्रा को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए यूपीए सरकार के ‘शिष्टाचार’ को गैरवाजिब करार दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश नहीं चाहता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को शिष्टाचार दिया जाए।
ऐसा शिष्टाचार राजस्थान सरकार भी दे सकती थी। देश के विदेश मंत्री का जाना जरूरी नहीं था। वे भी तब जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में यह कहा हो कि पाकिस्तान जब तक अपनी आतंक की मशीन बंद नहीं करता तब तक उसके साथ मधुर रिश्ते संभव नहीं हैं।
वहीं, कांग्रेस ने अतिथि का सम्मान करने की परंपरा का हवाला दिया। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा है कि धार्मिक मकसद से आए अशरफ को हमारी परंपरा के हिसाब से केवल न्यूनतम शिष्टाचार दिया गया है। अतिथि का सम्मान देश की हमेशा से परंपरा रही है।