महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के बीच करीब 80 फीसदी डील पक्की हो चुकी है, लेकिन राजस्व और गृह विभाग के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।
महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र आठ दिसंबर से उप-राजधानी नागपुर में शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस की मंशा है कि उससे पहले शिवसेना सरकार में शामिल हो और लगे हाथ मंत्रिमंडल का विस्तार भी कर दिया जाए लेकिन राजस्व या गृहविभाग के बीच मामला अटका हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि शिवसेना अब भी सन 1995 में भाजपा-शिवसेना सरकार के फार्मूले के तहत एक तिहाई हिस्सेदारी चाहती है, जिसमें उपमुख्यमंत्री पद के बदले राजस्व विभाग और गृहमंत्री पद भी शामिल है।