दिल्ली तख्त पर नरेंद्र मोदी की ताजपोशी के बाद अब भाजपा में फेरबदल की तैयारी है। राजनाथ सिंह के गृहमंत्री बन जाने के बाद अब जल्दी ही पार्टी महासचिव जेपी नड्डा को भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है, हालांकि अमित शाह और ओम माथुर भी दौड़ में शामिल हैं।
पार्टी में फेरबदल को लेकर राजनाथ ने संघ नेताओं से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जल्दी ही लोकसभा की एक सीट खाली करनी है। वे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।
सूत्रों का कहना है कि मोदी वडोदरा सीट से अपने करीबी अमित शाह को लोकसभा ला सकते हैं। इस तरह शाह दिल्ली में रहकर संगठन का कामकाज देखते रहेंगे।
नड्डा को सौंपी जा सकती है कमान
माना जा रहा है कि भले ही भाजपा को नड्डा और अमित शाह की जोड़ी के हवाले किया जा रहा हो, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर संगठन पर मोदी की ही चलेगी। शाह को पार्टी की कमान सौंपने में एक ही दिक्कत है कि वे भी गुजरात से हैं।
इसलिए नड्डा को कमान सौंपा जाना लगभग तय है।
दरअसल, राजनाथ के अलावा पार्टी उपाध्यक्ष उमा भारती, जुएल उरांव व स्मृति ईरानी, महासचिव अनंत कुमार, थावर चंद गहलौत और धर्मेंद्र प्रधान तथा कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल अब मोदी सरकार में मंत्री बन चुके हैं।
कई नामों की तलाश जारी
पार्टी के मुख्य मीडिया समन्वयक रविशंकर प्रसाद, प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर और निर्मला सीतारमन भी सरकार में जा चुके हैं। इसलिए इन सभी पदों के लिए नये नाम तलाशने शुरू हो गए हैं।
वर्ष 1998 से सबक लेते हुए भाजपा इस बार संगठन को अभी से दुरुस्त रखना चाहती है। उस समय ज्यादातर बड़े नेताओं के सरकार में चले जाने के बाद संगठन पर किसी ने भी खास ध्यान नहीं दिया और नतीजा 2004 के चुनाव में करारी हार के तौर पर सामने आया।
भागवत के साथ भाजपा की माथापच्ची
वैसे भी भाजपा को इसी साल हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से भिड़ना है। दिल्ली भी चुनाव होने तय हैं। अगले साल बिहार, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में चुनाव हैं। इसलिए भाजपा जल्दी ही संगठन में फेरबदल करने जा रही है।
इसी मकसद से राजनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और अन्य शीर्ष संघ नेताओं से मुलाकात की। बाद में राजनाथ प्रधानमंत्री मोदी से मिले और संघ नेताओं के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।