चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा ने कोलगेट कांड को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर अपना सियासी हमला तेज कर दिया है।
आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने कहा है कि जब टूजी घोटाले में तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा जिम्मेदार हो सकते हैं तो कोलगेट कांड में तब कोयला मंत्रालय संभाल रहे प्रधानमंत्री क्यों नहीं। भाजपा ने कहा कि वह अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर आ रहे विभिन्न सर्वे के नतीजों से उत्साहित भाजपा ने कोलगेट से लेकर टूजी, राष्ट्रमंडल खेल जैसे भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से पुरजोर तरीके से उठाना शुरू कर दिया है।
खासतौर पर कोलगेट मामले में पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख के बयान के बाद भाजपा अब इस मुद्दे को गरमाने में जुट गई है।
पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कोलगेट कांड में पीसी पारिख तथा जिन्हें कोल ब्लॉक मिला, उनके खिलाफ तो मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन जिनके हस्ताक्षरों से कोल ब्लॉक आवंटित हुआ, उन्हें छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि उसके एक और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव के खिलाफ मुकदमा चला था और अब कोलगेट की आंच सात रेसकोर्स तक जा पहुंची है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता यह सब देख रही है और जनता का यह रुख चुनावी सर्वेक्षणों में दिख भी रहा है।
ये सर्वे शुरुआती हैं और भाजपा इससे ज्यादा आंकड़ा पार करेगी क्योंकि उसके पास नरेंद्र मोदी जैसा कैप्टन है।
शाहनवाज ने कहा कि अभी तो लोकसभा के चुनाव का ऐलान भी नहीं हुआ है। युद्ध का मैदान सजा भी नहीं है, लेकिन यह साफ हो गया है कि विजय पताका किधर फहरेगी।