जम्मू-कश्मीर और झारखंड के चुनावी जंग में कमल खिलाने के मामले में भाजपा का पीएम नरेंद्र मोदी के बाद सबसे अधिक भरोसा 'पन्ना प्रभारियों' पर है।
हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह ही पार्टी ने इन राज्यों में भी मतदाता सूची के हर पन्ने के लिए प्रभारी बनाने को पूरी ताकत झोंक दी है। 'पन्ना प्रभारियों' का दायित्व अपने पृष्ठ के पार्टी समर्थक मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हर हाल में मतदान केंद्र पहुंचाना होता है।
पार्टी मानती है कि इन्हीं पन्ना प्रभारियों की मेहनत के बदौलत उसे हरियाणा और महाराष्ट्र में नजदीकी मुकाबले वाली करीब चार दर्जन सीटों पर सफलता हाथ लगी थी। अब पार्टी अपने इस सफल प्रयोग को जम्मू-कश्मीर और झारखंड चुनावों में भी पूरी शिद्दत से आजमाना चाहती है।