वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का पिछले महीने भारत का दौरा अचानक रद्द किए जाने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आनन-फानन में श्रीलंका के साथ नवंबर में 5 मैचों की वनडे सीरीज का कार्यक्रम तय किया था।
महेंद्र सिंह धोनी को इस सीरीज से आराम दिया गया और उनकी जगह विराट कोहली को भारतीय टीम की कमान सौपी गई। कोहली की अगुवाई में टीम ने श्रीलंका के खिलाफ जोरदार खेल दिखाया और विपक्षी टीम को खेल के हर विभाग में हराते हुए सीरीज में क्लीन स्वीप कर लिया।
वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पांचवीं बार 5 मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप किया। इसमें से 2 बार कोहली की कप्तानी में और 2 बार धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने क्लीन स्वीप का कारनामा दोहराया। इन दोनों के अलावा एक और कप्तान भी है जिसकी अगुवाई में भारत ने एक सीरीज में विपक्षी टीम का सूपड़ा साफ कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि वह कभी भी टीम इंडिया के नियमित कप्तान नहीं रहे। जानते हैं उस कप्तान का नाम क्या है?
साथ ही यह भी जाने कि नवंबर का महीना भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद भाग्यशाली क्यों हैं?
धोनी और कोहली के अलावा ये हैं तीसरे भारतीय कप्तान
टीम इंडिया की ओर से जिन 3 कप्तानों ने वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने का कारनामा किया है, उसमें महेंद्र सिंह धोनी ही नियमित कप्तान रहे। धोनी के अलावा अन्य दोनों ही कप्तान कार्यवाहक रहे हैं।
धोनी ने अपनी कप्तानी में 2008 और 2011 में इंग्लैंड का वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप किया था। जबकि विराट कोहली ने पहली बार 2013 में जिम्बाब्वे को उसी के मैदान पर हराते हुए यह कारनामा किया था। इसके बाद उन्होंने हाल ही में श्रीलंकाई टीम का सूपड़ा साफ किया।
अब बात करते है उस तीसरे भारतीय कप्तान की। इस भारतीय कप्तान का नाम है गौतम गंभीर। बाएं हाथ के इस क्रिकेटर ने 2010 में कुछ समय के लिए भारतीय टीम की अगुवाई की। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई घरेलू वनडे सीरीज में कीवी टीम को 5-0 से हराया। वह ऐसा करने वाले तब धोनी के बाद महज दूसरे भारतीय कप्तान थे।
हालांकि आज वह टीम इंडिया से बाहर है और फिर से टीम में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्यों खास है टीम इंडिया के लिए नवंबर का महीना
आइए, अब बात करते हैं टीम इंडिया के लिए लकी महीने की। नवंबर भारतीय टीम के लिए बेहद खास साबित होता जा रहा है।
भारतीय टीम की समस्या हमेशा से यही रही कि उसके खेल में निरंतरता की काफी कमी है। शानदार प्रदर्शन के बावजूद उस पर यह आरोप लगे हैं कि टीम में लगातार मैच जीतने की क्षमता नहीं है। ऐसे में किसी सीरीज में क्लीन स्वीप हासिल करना अपने आप में एक उपलब्धि जैसी है और वह भी 5 मैचों की वनडे सीरीज में।
विराट कोहली की अगुवाई में भारत ने वनडे क्रिकेट में दूसरी बार और कुल पांचवीं बार क्लीन स्वीप का कारनामा किया है। इन 5 मौकों में सबसे खास बात यह ही है कि उसने उन 3 सीरीज में क्लीन स्वीप हासिल किया है जो नवंबर में शुरू हुईं। साथ ही पहली बार क्लीन स्वीप करने का सपना नवंबर में ही पूरा हुआ था।
भारत ने पहली बार 2008 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड को घरेलू वनडे सीरीज में 5-0 से हराकर क्लीन स्वीप करने का गौरव हासिल किया था तब वह नवंबर का महीना था। फिर 2 साल बाद नवंबर 2010 में गौतम गंभीर की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया। फिर कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने इस साल श्रीलंका का सूपड़ा साफ किया।
इसके अलावा भारत ने 2 अन्य 5 मैचों की सीरीज में अक्टूबर 2011 में इंग्लैंड पर और जुलाई 2013 में जिम्बाब्वे को उसी के देश में क्लीन स्वीप किया था।