प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहतों का असर भाजपा के अपने ही सांसदों पर नहीं हो रहा है।
भाजपा के सांसद सदन की कार्यवाही में कम ही रुचि दिखा रहे हैं। आलम यह है कि सदन में सांसदों की संख्या कम होने के कारण लगातार दो दिनों से लोकसभा में कोरम का अभाव उत्पन्न हो रहा है।
अमूमन संसद में कोरम की संख्या को पूरा करने का जिम्मा सत्ता पक्ष का रहता है, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसद ही सदन से नदारद दिख रहे हैं। वह भी ऐसे में जब राज्यसभा में कामकाज ठप करने के लिए सरकार विपक्ष को दोषी ठहरा रही है।