फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या बना रहेगा भाजपा-शिवसेना का गठबंधन?

विज्ञापन
विज्ञापन
महाराष्ट्र में सत्ताधारी दल भाजपा व शिवसेना में बढ़े तनाव के बीच शिवसेना के मंत्रियो ने नाराजगी दूर करने की पहल की है। बुधवार को शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर गिले शिकवे दूर करने की कोशिश की।
विज्ञापन


शिवसेना के मंत्रियों ने शिकायत की कि उनके विधायकों-मंत्रियों के काम नहीं हो रहे हैं। इससे भी नाराजगी बढ़ी है। वहीँ, दूसरी ओर बृहस्पतिवार को भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान शिवसेना के मंत्रियों ने शिकायत की कि भाजपाई मंत्री शिवसेना विधायकों के काम नहीं करते।

शिवसेना नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने पार्टी के कई विधायकों के नाम गिनाए, जिनके कार्य नहीं हो रहे हैं। शिवसेना कोटे से मंत्री सुभाष देसाई, दिवाकर रावते,रविन्द्र वायकर आदि ने फडणवीस से मांग की कि वे खुद इस मामले में हस्तक्षेप करें। मुख्यमंत्री ने उनकी यह शिकायत दूर करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

विज्ञापन

नाराज भाजपा विधायकों ने बुलाई बैठक

सत्ता में शामिल शिवसेना की विरोधी भूमिका से भाजपा विधायकों में नाराजगी है। पार्टी विधायकों का कहना है कि सरकार में शामिल होकर सत्ता सुख भोग रही शिवसेना अपनी ही सरकार को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।

सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को दादर के वसंत स्मृति में भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में शिवसेना की भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी। वहीं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे डा भीमरावअंबेडकर स्मारक भूमिपूजन समारोह का निमंत्रण गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता के हाथों भिजवाना शिवसेना को नागवार गुजरा है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान शिवसेना के मंत्रियों ने इस बात की भी शिकायत की।

शिवसेना के मंत्रियों का कहना था कि मेहता के हाथों निमंत्रण भेजने की बजाय मुख्यमंत्री खुद उद्धव को आमंत्रित करते तो अच्छा होता। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें