महाराष्ट् में सत्तारूढ भाजपा-शिवसेना गठबंधन में जारी तनाव के बीच बुधवार को एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार ने कहा कि वह सरकार बचाने के लिए समर्थन नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट् में सरकार है या नहीं यह पता ही नहीं चल रहा है, लेकिन सत्ता के लिए शिवसेना की लाचारी से एक बात साफ है कि सरकार टिकाऊ है।
भाजपा -शिवसेना में तल्खी पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कटाक्ष किया कि दोनों लड़ेंगे एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करेंगे लेकिन सत्ता से चिपके रहेंगे।
शिवसेना के सत्ता से अलग होने की अफवाह के बीच चर्चा थी कि भाजपा ने एनसीपी नेता प्रफुल्ल पवार से बात कर शिवसेना को संदेश देने की कोशिश की है। लेकिन, पवार के बयान से भाजपा का दावं उल्टा पड़ गया है।
उन्होंने गुरुवार को एनसीपी मुख्यालय में संवाददताओं को सम्बोधित करते कहा कि यह बाला ठाकरे की शिवसेना नही है जो विचारधारा और सिदांतो के लिए सत्ता को त्याग दे। पहले हमें लगता था कि शिवसेना के लोग स्वाभिमानी हैं लेकिन अब ऐसा नहीं लगता।
सरकार में पीछे से शामिल हुई शिवसेना जब यह कह रही है कि वह क्यों सरकार से अलग हो जिसे निकलना है वह निकल जाए। यह कितना हास्यास्यपद है और इससे सत्ता की लाचारी समझी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि शिवसेना का सत्ता के प्रति लालच सरकार को कभी नही गिरने देगा। इससे लगता है कि सरकार टिकेगी और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पवार ने कहा कि एनसीपी ने स्थायी सरकार के लिए विरोधी पक्ष नेता पद की परवाह किए बिना बीजेपी सरकार को बचाया था। एनसीपी न तो सरकार में शामिल नही हुई और न होगी।