रोहतक में फोन पर एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछकर पैसे निकालने वालों ने अब आमजन के साथ नेताओं पर भी जाल डालना शुरू कर दिया है। पूर्व मंत्री और कलानौर से भाजपा के पूर्व विधायक जयनारायण खुंडिया ठगी का शिकार हुए हैं। खुंडिया को फोन कर एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड पूछने के बाद खुद को बैंक अधिकारी बता रहे एक व्यक्ति ने उनके खाते से 32 हजार की खरीदारी कर ली। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
थाना शिवाजी कॉलोनी प्रभारी हरनारायण राठी ने बताया कि कलानौर से भाजपा के पूर्व विधायक और मंत्री जयनारायण खुंडिया ने शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 9 नवंबर को सुबह 10 बजे उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोन करने वाले युवक ने खुद को एक बैंक का अधिकारी बताया। कहा, उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है। कार्ड शीघ्र ही चालू करवाना है तो अपने एटीएम का नंबर व पासवर्ड बताओ। इस पर उन्होंने नंबर व पासवर्ड बता दिए। कुछ समय बाद ही मोबाइल पर खाते से करीब 32 हजार रुपये कम होने का एसएमएस आया। तुरंत कस्टमर केयर और बैंक मैनेजर को सारे मामले की जानकारी दी।
मोबाइल नंबर की आईडी बिहार की
बैंक से मिली जानकारी से पता चला कि आरोपी ने तीन जगहों से खरीदारी की है। बैंक की ओर से मिली जानकारी के आधार पर पूर्व मंत्री ने धोखाधड़ी से पैसे निकालने की शिकायत थाना शिवाजी कॉलोनी पुलिस को दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जिस नंबर से पूर्व मंत्री के पास फोन आया था, उस नंबर की आईडी बिहार की मिली है। लेकिन आईडी में पूरा पता नहीं है। पुलिस ने बताया कि इस प्रकार के काम करने वाले आरोपी घटना के बाद फोन को बंद कर देते हैं। आरोपी फर्जी आईडी पर भी नंबर लेकर पुलिस को गुमराह करते हैं।
पुलिस की नजर शॉपिंग सेंटर्स पर
जिस भी शॉपिंग सेटर पर खरीदारी हुई है, वहां पर कैमरे लगे होंगे। उसी आधार पर उस व्यक्ति को ट्रेस किया जा सकता है। पुलिस लगातार बैंक के संपर्क में है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि शॉपिंग कहां-कहां से की गई।
लालच के चक्कर में गंवाए दो करोड़ रुपये
यूपी के झांसी में अच्छी रकम वापसी के लालच में आकर गरौठा क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने दो करोड़ रुपये गंवा दिए। कोर्ट के आदेश पर इस मामले की रिपोर्ट पांच लोगों के खिलाफ थाना नवाबाद में दर्ज कराई गई है।
न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में गरौठा थाना क्षेत्र के ग्राम रघौली निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र घनश्याम ने बताया कि करीब चार साल पहले नवाबाद थाना क्षेत्र में 48 चेंबर में एक मार्केटिंग कंपनी का दफ्तर खुला था। इस कंपनी के बारे में सैंयरगेट निवासी ओम प्रकाश वर्मा ने उसे जानकारी दी। ओम प्रकाश ने बताया कि कंपनी के हिमाचल में कई होटल हैं और पुणे में पशुओं का कारोबार है। कंपनी का टर्न ओवर करीब सौ करोड़ रुपये का है।
कंपनी से जुडे़ अन्य लोगों में चंडीगढ़ निवासी करमेश शर्मा, चंडीगढ़ निवासी जितेंद्र उर्फ दीप सिंह, दिल्ली के सांध्य नगर पालम कालोनी निवासी विकास चौधरी व अमृतसर निवासी रमनदीप शामिल थे। इसमें से जितेंद्र उर्फ दीप सिंह अभी उरई जेल में किसी मामले में बंद है।
उक्त आरोपियों ने उसे लाखों रुपये की वापसी का लालच देकर दो करोड़ रुपये निवेश करने को कहा। इस पर उसने मार्च 2010 में अनुबंध कर दो करोड़ रुपये निवेश कर दिए। लेकिन, उसकी रकम वापसी नहीं हुई। नवंबर 2013 में कंपनी ने नगर में स्थित कार्यालय बंद कर दिया। दिल्ली का कार्यालय भी बंद मिला और उक्त लोगों से संपर्क भी नहीं हो पाया। बाद में जितेंद्र आदि ने रकम वापसी का आश्वासन दिया, जो झूठा साबित हुआ।
इस मामले में उसने जुलाई माह में एसएसपी को प्रार्थना पत्र भी सौंपा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर नवाबाद थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।