प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्रों वाराणसी और लखनऊ में हुए छावनी बोर्ड के चुनाव परिणामों से भाजपा आलाकमान चिंतित है।
पार्टी को गुटबाजी की वजह से हार मिलने की जानकारी मिली है। आने वाले दिनों में इन परिणामों के लिए दोषी लोगों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व जल्द ही इन परिणामों की समीक्षा कर निर्णय करने के मूड में है।
भाजपा आलाकमान की बेचैनी के पीछे खास वजह यह मानी जा रही है कि मीडिया वाराणसी और लखनऊ छावनी बोर्ड के चुनावों में मिली बुरी हार को सीधे पीएम मोदी से जोड़कर पेश कर रहा है।
छावनी बोर्ड के चुनाव में पार्टी को ऐसे समय में हार झेलनी पड़ी है जब पीएम मोदी का करिश्मा पूरे देश-विदेश में सिर चढ़कर बोल रहा है। हालांकि पार्टी के रणनीतिकार इन परिणामों को मिशन 2017 के सबक के तौर पर भी देख रहे हैं। वैसे दिल्ली छावनी बोर्ड ने पार्टी आलाकमान के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है।