राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन के मामले में भाजपा भी मुश्किल में दिख रही है। चूंकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली इस मामले में कुरियन के वकील थे। इसलिए भाजपा को आशंका है कि संसद के बजट सत्र में जेटली पर भी उंगली उठ सकती है।
इससे पार्टी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के बाद अब जेटली को लेकर फजीहत होने का भय सताने लगा है। अब अगले सप्ताह से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है और भाजपा का मानना है कि संसद में यह मामला जरूर उठेगा। ऐसे में जेटली पर भी उंगली उठना तय है। इसलिए भाजपा कुरियन मामले में संभलकर बोल रही है।
अब तो कुरियन भी कह चुके हैं कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली से उन्हें क्लीन चिट मिली है। कुरियन की इस दलील का भाजपा के पास जवाब नहीं है। जेटली की तरफदारी में उतरी पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि अपने व्यवसाय के चलते वे कुरियन के वकील बने।
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले ही कह चुकी है कि कुरियन जब तक पाक साफ साबित नहीं हो जाते हैं, उन्हें नैतिकता के आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। इस रुख से साफ है कि अन्य मामलों में कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ आग उगलने वाली भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व कुरियन को लेकर बहुत नरम दिख रहा है। जबकि पार्टी की केरल इकाई कुरियन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी है।
कारण साफ है कि जेटली एक वकील के तौर पर इस पूरे मामले में कुरियन का बचाव करते रहे हैं। खास बात यह है कि कुरियन को खिलाफ अपना रुख तय करने में भी भाजपा को एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग गया।