उद्योग संगठन सीआईआई ने थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर में आई गिरावट को बेहतर बताया है। हालांकि, संगठन ने खाद्य महंगाई में आई तेजी पर चिंता जताई है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि खाद्य महंगाई दर में आई तेजी चिंताजनक है। प्याज, फल व सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है।
इसे देखते हुए सरकार को तत्काल आपूर्ति संबंधी दिक्कतों को दूर कर आपूर्ति बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। बनर्जी ने कहा कि थोक मूल्य आधारित महंगाई दर और प्रमुख महंगाई दर में आई गिरावट को देखते हुए रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में आधा फीसदी की कटौती करनी चाहिए।
उद्योग संगठन फिक्की का कहना है कि थोक महंगाई दर में आई कमी ने मौजूदा आर्थिक हालातों में कुछ उम्मीद जगाई है लेकिन खाद्य महंगाई में तेजी का रुख परेशान करने वाला है। फिक्की की प्रेसिडेंट नैना लाल किदवई का कहना है कि महंगाई दर में गिरावट आने से रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी बरती जाने की उम्मीद बढ़ी है। महंगाई के आंकड़े को देखते हुए रिजर्व बैंक अपना ध्यान विकास को मजबूती देने पर केंद्रित कर सकता है। यदि ऐसा होता है कि निवेशकों का भरोसा अर्थव्यवस्था में मजबूत होगा।