आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किंग मेकर बनने के इरादों के बावजूद भाजपा को उम्मीद है कि जदयू के साथ दोस्ती नहीं टूटेगी। भाजपा ने कहा कि नीतीश के उठाए मुद्दों से वह पूरी तरह से सहमत है।
एनडीए के विस्तार की कोशिश में जुटी भाजपा के लिए रामलीला मैदान में दिखे नीतीश के तेवर शुभ संकेत नहीं हैं। इसके बावजूद भाजपा का मानना है कि नीतीश किसी भी हालत में एनडीए से बाहर नहीं जाएंगे।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश आपात काल के खिलाफ आंदोलन की उपज हैं, उनका पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस विरोध में बीता है।
दरअसल, भाजपा नीतीश के एनडीए में बने रहने को लेकर इसलिए भी आश्वस्त है कि गठबंधन टूटने पर बिहार में दोनों को नुकसान होगा। अकेले भाजपा ही नहीं बल्कि जदयू को भी खामियाजा उठाना पड़ेगा।
इसके अलावा भाजपा यह भी मान रही है कि कांग्रेस के साथ लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान पहले से ही जमे हैं। ऐसे में नीतीश कुछ अल्पसंख्यक वोटों के लिए लालू और पासवान के साथ कांग्रेस के पाले में शायद ही खड़े होंगे।
इसलिए भाजपा ने नीतीश के उठाए मुद्दों का समर्थक करते हुए कहा कि केंद्र सरकार शुरू से बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल समेत सभी गैर कांग्रेस व गैर यूपीए सरकारों के साथ भेदभाव करती रही है।
नीतीश की रैली से भाजपा के अलग रहने पर प्रसाद ने कहा कि जदयू अलग पार्टी है, उनकी इस रैली को लेकर चार-पांच माह पहले ही ऐलान हो चुका था।