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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में सपा ने लगाई सेंध

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पंचायत चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की हार से पार्टी के रणनीतिकार चिंतित हैं।
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इतना ही नहीं पीएम के गोद लिए आदर्श गांव जयापुर के मतदाताओं ने भी जिला पंचायत सदस्य पद पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार अरुण सिंह ‘रिंकू’ को नकार दिया। जयापुर आराजीलाइन ब्लॉक के सेक्टर नंबर पांच में आता है। यहां से बसपा समर्थित उम्मीदवार रमेश तिवारी उर्फ गुड्डू ने लगभग 800 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है।

सोमवार को घोषित परिणामों के मुताबिक जिला पंचायत की कुल 48 में से मात्र नौ सीटों पर ही भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। जबकि 22 से अधिक सीटों पर सपा समर्थित प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया है। भगवा ब्रिगेड की यह दुर्गति तब हुई है जब पार्टी पूरे दमखम से इस चुनाव में उतरी थी।
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कार्यकर्ताओं की अनदेखी ने बिगाड़ा गणित

पार्टी के निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी पंचायत चुनाव में भाजपा को भारी पड़ी। कई सीटों पर बागी उम्मीदवार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार की वजह बने। पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी होने के साथ बगावत का सुर बुलंद हो गया था।

यही नहीं टिकट बंटवारे से नाराज लोगों ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का घेराव भी किया था।

उस वक्त डॉ. वाजपेयी ने कहा था कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। नाराज लोगों को मना लिया जाएगा। जब बागी मैदान में उतरे तो संगठन ने उन्हें मनाने की जगह पार्टी से निलंबन और बर्खास्तगी का चाबुक चलाया। बात बनने की बजाय बिगड़ गई।

कमजोर प्रबंधन से हुई पार्टी की किरकिरी

भाजपा पहली दफा पंचायत चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरी। चुनाव प्रबंधन के लिए अनुभवी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया। प्रचार अभियान के लिए अलग से कमेटी बनाई गई। मगर सारा कुछ पार्टी के चंद लोगों के बीच ही सिमटकर रह गया।

टिकट वितरण में भी आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। लिहाजा प्रत्याशियों को अपने ही मतदाताओं की नाराजगी झेलनी पड़ी। भाजपा ने पंचायत चुनाव को 2017 के समर का सेमीफाइनल बताया था मगर सेमीफाइनल में मिली करारी शिकस्त से पार्टी के मिशन 2017 को तगड़ा झटका लगा है।

ये हैं भाजपा समर्थित विजयी प्रत्याशी
पिंडरा : जगदीश गुप्ता, ज्योति सिंह, चोलापुर : इंद्रसेन सिंह, हरहुआ : अमित सोनकर, अखिलेश उर्फ गोपाल सिंह, सेवापुरी : सुजीत सिंह डाक्टर, रामचंद्र पाल, काशी विद्यापीठ : ओमप्रकाश सिंह खंझाटी, सुरेंद्र पटेल।

कोट-
भाजपा ने पिछली बार से ज्यादा सीटें जीती हैं। बागियों की वजह से पार्टी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। जयापुर में भाजपा समर्थित उम्मीदवार का हारना दुखद है। इस हार को प्रधानमंत्री से जोड़ना गलत है। -लक्ष्मण आचार्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा

मोदी के गढ़ में सपा ने लगाई सेंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में समाजवादी पार्टी को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

सपा जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के अनुसार 48 सदस्यों में 27 समाजवादी पार्टी समर्थित हैं, जबकि सात समर्थन देने को तैयार हैं। इस तरह से 48 में से 34 जिला पंचायत सदस्य सपा के हैं।

यही नहीं, सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बरकरार रखेंगे। झूठ और नफरत की राजनीति करने वालों की पंचायत चुनावों ने आंख खोल कर रख दी है।
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जिलाध्यक्ष का दावा, सपा समर्थित 27 प्रत्याशी जीते

जिला पंचायत सदस्य चुनाव के परिणाम आते ही सभी की निगाहें इस ओर टिकी हुई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनकी पार्टी भाजपा और प्रदेश के सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी की क्या स्थिति है।

सपा जिलाध्यक्ष सतीश फौजी ने कहा कि पिछले चुनाव में सपा समर्थित तीन सदस्य जिला पंचायत चुनाव जीते थे। प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं और कार्यकर्ताओं की बदौलत इस बार के चुनाव में हमें दस गुना ज्यादा सफलता मिली।

जिस भी दिन पार्टी हाईकमान की ओर से बुलावा आएगा, हम 34 सदस्यों के साथ लखनऊ में मौजूद मिलेंगे। कहा कि, भाजपा की असलियत जनता के सामने आ चुकी हैं। पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली जीत यह सिद्ध कर रही है कि जनता का प्रदेश सरकार में अटूट विश्वास है।
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