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प्रमोशन में आरक्षण विधेयक पर बदल रहे हैं भाजपा के सुर

Thu, 20 Dec 2012 08:59 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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विद्रोह शुरू होते ही सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण विधेयक पर भाजपा नेतृत्व के सुर भी बदलने लगे हैं। हालांकि विधेयक टल जाने से भाजपा ने इस विधेयक को लेकर बजट सत्र तक के लिए राहत की सांस ले ली है। राज्यसभा में इस विधेयक का समर्थन करने वाली भाजपा के सदस्य बृहस्पतिवार को लोकसभा में दूसरे ही सुर में बोलते दिखे।
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लोकसभा में भाजपा इस विधेयक का विरोध कर रही समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी दिखी। पार्टी लाइन के खिलाफ ताल ठोक रहे योगी आदित्यनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने ही इस विधेयक को समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास भेजने की मांग करते रहे। लोकसभा में भाजपा के रुख से साफ था कि वह राज्यसभा की तरह यहां सरकार का साथ देने को तैयार नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में सांसदों तथा प्रमुख राज्यों के प्रदेश संगठनों के इस विधेयक के विरोध में उतर जाने से पार्टी नेतृत्व भी अपनी राय बदलने लगा है। खासतौर पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डा. मुरली मनोहर जोशी व राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख सांसद भी इस विधेयक के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा का बदले रुख को देखकर ही सरकार ने हंगामे के बीच इस विधेयक को पारित कराने का जोखिम नहीं उठाया।
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बहरहाल, भाजपा के लिए अब राहत की बात है कि यह विधेयक कम से कम बजट सत्र तक के लिए तो टल ही गया है। इससे भाजपा को अब इस विधेयक पर अपनी अंतिम राय बनाने का समय मिल गया है। भाजपा में एक बड़ा वर्ग मानता है कि इस विधेयक का समर्थन करने से उसका सवर्ण वोट बैंक सपा के पाले में चला जाएगा।

पार्टी में यह भी कहा जा रहा है कि रिटेल में एफडीआई मामले में जो कुछ समर्थन मिला था, उसे राज्यसभा में इस विधेयक का समर्थन कर गवां दिया है। इसलिए लोकसभा में इस विधेयक के समर्थन को लेकर पार्टी में सुर बदले-बदले से दिखे।
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