चार साल की तैयारियों के बाद 21 नवंबर से शुरू हो रहे तीन दिवसीय विश्व हिंदू कांग्रेस में मोदी सरकार, भाजपा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई दिग्गज चेहरे नजर आएंगे।
कुल सात सत्रों वाले तीन दिवसीय आयोजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत, अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मोदी सरकार में मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर परिकर सहित विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज विशेषज्ञ संबोधित करेंगे।
इस आयोजन को दुनिया भर के करीब सौ करोड़ से अधिक आबादी वाले हिंदुओं को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यही कारण है कि इस कार्यक्रम की थीम ‘एक साथ चलें, एक साथ बोलें’ रखी गई है। जम्मू-कश्मीर और झारखंड विधानसभा चुनाव में अपनी व्यस्तता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आयोजन में शिरकत नहीं करेंगे।
प्रधानमंत्री नहीं कर पाएंगे शिरकत
विश्व हिंदू कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील पंडित ने कहा कि इस दुनिया में हिंदुओं की संख्या एक अरब से ज्यादा है। बावजूद इसके अन्य धर्मों के मुकाबले हम काफी पीछे हैं। साथ ही दुनिया भर में हिंसा का शिकार होने के बावजूद इसके विरोध में हिंदू समाज की एकजुटता नहीं दिखती।
यही कारण है कि इस विश्व हिंदू कांग्रेस में हिंदू समाज को एकजुट करने और सरकार के बदले समाज की बदौलत चुनौतियों से पार पाने के लिए जागरूकता लाने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह समुदाय अगर एकजुट हो कर बोलेगा तो दुनिया उसकी बात सुनेगी। पंडित के मुताबिक आयोजन में भले ही हिंदू संतों को न्यौता दिया गया है, मगर यह किसी भी दृष्टि से संत महासम्मेलन जैसा मामला नहीं है।
54 देशों के 2000 प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा
तीन दिवसीय सम्मेलन में 54 देशों के 2000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें मारीशस के पूर्व प्रधानमंत्री जगन्नाथ समेत कनाडा, न्यूजीलैंड, सूरीनाम, फिजी आदि देशों के कई हिंदू सांसद और राजनीतिक नेता भी हिस्सा लेंगे। समारोह का आयोजन करने वाले वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की योजना चर्चा के सार को घोषणा पत्र का रूप दिए जाने की योजना है।
सात सत्रों का होगा कार्यक्रम
तीन दिन के इस आयोजन में सात आयाम तय किए गए हैं। सम्मेलन का उद्घाटन संघ प्रमुख भागवत करेंगे। इसके बाद युवा, अर्थव्यवस्था, महिला, शिक्षा, राजनीति, संगठन और मीडिया विषय में इस क्षेत्र के जाने माने दिग्गज अपनी राय देंगे।
इसी के तहत मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अलावा किरण बेदी, कश्मीर के अजय चरंगु और डॉ किरण सेठ जैसी हस्तियां संबोधित करेंगी।