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शिवसेना से रिश्ते पर पीएम मोदी ने लिया बड़ा फैसला!

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शिवसेना को किनारे करने के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा के कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोक दिया है। उन्होंने फडणवीस और प्रदेश भाजपा नेतृत्व को शिवसेना के साथ विवाद सुलझाने को कहा है।
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प्रधानमंत्री की नसीहत की वजह से ही महाराष्ट्र भाजपा ने शिवसेना विधायकों को तोड़ इस्तीफा दिलवाने की कोशिशें रोक दी है। पीएम महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में शिवसेना के शामिल होने के भी हिमायती हैं।

पीएम के रुख को देखते हुए संभावना बन रही है कि फडणवीस कुछ दिनों में शिवसेना को सरकार में शामिल होने का न्योता देने के साथ ही उसके कोटे से छह से आठ मंत्री बनाने की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि शिवसेना को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी देने के लिए पार्टी तैयार नहीं है।
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फडणवीस की योजना पर पीएम ने पानी फेरा

प्रदेश की भाजपा सरकार को भले ही एनसीपी का समर्थन है। फिर भी मुख्यमंत्री फडणवीस और प्रदेश भाजपा स्थायी सरकार का विकल्प खोज रही है। भाजपा के शीर्ष सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा ने तो शिवसेना के 15 और नारायण राणे के नेतृत्व में कांग्रेस के नौ विधायकों समेत कुल 25 विधायकों को साध लिया था।

प्रदेश भाजपा की रणनीति इन विधायकों का इस्तीफा दिलवाकर उपचुनाव करवाने की थी। सूत्रों के मुताबिक ये विधायक इस्तीफे के लिए भी तैयार हो गए थे। मगर प्रधानमंत्री को जब इससे अवगत कराया गया तो उन्होंने तुरंत ऐसा करने से रोक दिया।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नहीं चाहते कि शिवसेना से रिश्ता तोड़ा जाए। महाराष्ट्र में शिवसेना से संबंध टूटने के बाद भी मोदी ने शिवसेना कोटे के मंत्री अनंत गीते को अपने कैबिनेट में रखा है।

मोदी के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी हिंदूवादी ताकतों की एकता की खातिर भाजपा को शिवसेना से रिश्ते नहीं तोड़ने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री के रुख को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवसेना को मनाने की कोशिश में जुट गए हैं। वैसे प्रदेश भाजपा शिवसेना को छह से आठ मंत्री पद से अधिक देने के लिए तैयार नहीं है।
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