व्यापमं घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद से कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भाजपा के निशाने पर हैं। उनके खिलाफ एक-एक कर कागज निकाले जा रहे हैं और तथाकथित पुराने घोटालों को मीडिया के सामने रखा जा रहा है।
1993 से 2003 के दौरान विधानसभा में हुईं अवैध नियुक्तियों के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब भाजपा ने उन पर नया आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि बतौर सीएम दिग्विजय सिंह ने भोपाल के एक बिल्डर से 10 करोड़ की ब्लैकमनी ली थी। इस बार भाजपा आयकर विभाग की जांच को आधार बना रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान शनिवार को सीएम आवास से पार्टी मुख्यालय पहुंचे तो शिवराज सिंह के करीबी समझे जाने वाले तीन मंत्री भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह और उमाशंकर गुप्ता उनके साथ थे।