भगत सिंह भले लाखों दिलों पर राज करते हों, उनके त्याग ने भले कई क्रांतियों की जमीन तैयार की हो, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में भगत सिंह को शहीद का दर्जा नहीं मिला है।
आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं, जो यह साबित करे कि भगत सिंह को कभी शहीद घोषित किया गया था।
भगत सिंह के प्रपौत्र यदवेंद्र सिंह अब भगत सिंह को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए नया अभियान छेड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
उनके मुताबिक अप्रैल में आरटीआई के जरिए उन्होंने गृह मंत्रालय से पूछा था कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को कब शहीद का दर्जा दिया गया था। और अगर ऐसा अब तक नहीं हुआ, तो सरकार उन्हें यह दर्जा देने के लिए क्या कदम उठा रही है?
मई में गृह मंत्रालय के पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर श्यामलाल मोहन ने जवाब दिया कि मंत्रालय के पास यह बताने वाला कोई रिकॉर्ड नहीं कि इन तीनों क्रांतिकारियों को कब शहीद का दर्जा दिया गया।
जवाब में यह भी नहीं बताया गया कि सरकार इसके लिए क्या कदम उठा रही है। सिंह ने बताया, 'मैं गृह सचिव से मिलने की कोशिश कर रहा हूं और अपॉइंटमेंट भी मांगा है। लेकिन गृह मंत्रालय ने अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। मैं अब राजगुरु और सुखदेव के परिवार के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने की योजना बना रहा हूं।'