संता बंता से- प्लेटें सही ढंग से धुलती हैं न? बंता - हां, बिल्कुल। ये प्लेटें वाटर से जितनी साफ हो सकती हैं हो जाती हैं।
दोपहर को भी बंता ने कहा– वाटर से थालियां जितनी साफ हो सकतीं हैं, हो जाती हैं।
शाम को जब संता बाहर घूमने निकला तो …..दरवाजे पर बंधा पालतू कुत्ता भौंकने लगा।
बंता: चुप रहो वाटर… ! संताजी तो अपने घर के आदमी है…