फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी और पर्चे बंटवाए जाने से सोमवार की सुबह स्थानीय लोग भड़क गए।
चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने समुदाय विशेष की दुकानों-ठेलियों पर तोड़फोड़-लूटपाट की और झींझक मार्ग व कहिंजरी मार्ग पर जाम लगा दिया। तोड़फोड़ भी जारी रखी। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। एएसपी ने समझाना चाहा तो भीड़ ने उन पर पथराव कर दिया।
तनाव बढ़ने की सूचना पाकर पहुंचे डीएम और एसपी ने किसी तरह हालात पर काबू पाया। देर रात तक किसी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत नहीं की थी।
डीएम मासूम अली सरवर का कहना है कि धार्मिक भावना भड़काने और उकसाने वालों पर रासुका की कार्रवाई की जाएगी। एसपी बीरेंद्र बहादुर सिंह बोले, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर दो प्लाटून पीएसी क्षेत्र में बुला ली गई है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।
समुदाय विशेष के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी
फेसबुक पर किया गया कमेंट कई दिनों से रसूलाबाद में तनाव की वजह बना है। छह जुलाई को एक युवक ने समुदाय विशेष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। तब समुदाय विशेष के लोग सड़क पर उतर आए थे और युवक के घर पहुंचकर उसे पुलिस के हवाले किए जाने जिद ठान ली थी।
काजी अब्दुल रऊफ बकाई के हस्तक्षेप पर युवक ने माफी मांग ली थी। इसके आठवें दिन ही इसी इलाके के एक और युवक ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला कमेंट कर दिया।
रविवार को दिन भर उसकी टिप्पणी चर्चा का विषय बनी रही। लेकिन रात को इस संबंध में पर्चे भी बांटे गए तो लोग आक्रोशित हो उठे। सुबह भीड़ चौराहे पर जुट गई और नारेबाजी करने लगी।
बाल-बाल बचे अपर पुलिस अधीक्षक
इस बीच कुछ लोगों ने समुदाय विशेष की दुकानों में रखे सामान फेंकने शुरू कर दिए। जाम लगाकर दो मार्गों पर गमनागमन भी बंद कर दिया गया। सूचना पाकर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन उपद्रवियों के सामने मूकदर्शक ही बनी रही। थोड़ी देर में ही क्षेत्राधिकारी शशि शेखर दीक्षित आ गए।
उन्होंने डेरापुर, शिवली, मंगलपुर सहित कई थानों की फोर्स बुला ली। लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। भीड़ ने कुछ देर बाद दुकानों पर लूटपाट शुरू कर दी। साथ ही अभद्र टिप्पणी करने वाले युवक के घर तक जा पहुंची। वहां रसूलाबाद थानाध्यक्ष ने लोगों को समझा-बुझाकर वापस मोड़ा।
इस बीच मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक सर्वानंद ने भीड़ को समझाने की कोशिश शुरू की तो कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाकर पथराव कर दिया। वह बाल-बाल बचे। भीड़ का गुस्सा आखिर डीएम मासूम अली सरवर और एसपी बीरेंद्र बहादुर सिंह के पहुंचने पर शांत हुआ, हालांकि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कानपुर नगर से बुलाई गई दो प्लाटून पीएसी क्षेत्र में लगातार नजर बनाए हुए है।