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चश्मा लगाकर मोदी से हाथ मिलाने वाले कलेक्टर 1 रु. लेते हैं सैलरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान जिस कलेक्टर ने उनसे काला चश्मा लगाकर हाथ मिलाया उस पर कार्रवाई की तैयारी है।
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उनके खिलाफ राज्य की छत्तीसगढ़ सरकार ने नोटिस जारी करके पूछा है कि आखिर उन्होंने पीएम के दौरे पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन क्यों किया।

कलेक्टर ने ऐसा क्यों किया इसका जवाब तो उन्हें सरकार देना ही होगा लेकिन क्या आपको पता है जिस कलेक्टर को ये नोटिस दिया गया है उनकी कार्यशैली बेहद खास है। उनकी गिनती राज्य के तेजतर्रार और ईमानदार अधिकारियों में की जाती है।

तेजतर्रार और ईमानदार अफसरों में गिनती

विवादों में फंसे अमित कटारिया बस्तर के कलेक्टर हैं। उनकी गिनती राज्य के तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। उनके बारे में बताया जाता है कि वो अपने कार्य के बदले महज एक रुपए महीने की तनख्वाह लेते हैं।

इतना ही नहीं अमित कटारिया की पोस्टिंग फिलहाल बस्तर में है। लेकिन इसके पहले वो रायपुर नगर निगम में कमिश्नर पद पर तैनात थे। स्वभाव की बात करें तो वो बेहद जिद्दी और आक्रामक बताए जाते हैं।

जिस समय वो रायपुर में तैनात थे उस दौरान उन्होंने वहां अवैध जमीन अधिग्रहण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने अलग-अलग शहरों में जमीनें खाली कराकर अवैध कब्जे हटवाए।

उन्होंने रायपुर शहर के तेलीबांधा इलाके और रायपुर स्टेशन से अतिक्रमण हटवाए। बताया जाता है कि वो खुद समय-समय शहर का निरीक्षण भी करते हैं।
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अवैध जमीन अधिग्रहण को खाली कराया

रायपुर में उनकी कार्यशैली को देखकर ही राज्य सरकार ने उनकी पोस्टिंग बस्तर कर दी। इसके पीछे सरकार की मंशा कहीं न कहीं जमीनें खाली कराना ही थी।

बताया जाता है कि सरकार की रणनीति बस्तर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इसको लेकर सरकार ने खास योजना बनाई। इसके लिए अमित कटारिया को बस्तर भेजा गया। जिससे वहां की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए जा सकें।

यानी अपनी कार्यशैली से अमित कटारिया की गिनती सख्त अधिकारी के तौर पर होती है। लेकिन अभी वो खुद मुश्किल में हैं।

सरकार ने उनसे काला चश्मा लगाकर प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर नोटिस भेजा हुआ है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में नोटिस भेजकर कहा है कि उनका यह कृत्य ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1968 की कंडिका 3 (1) के विपरीत है।

ये तो एक मामला था लेकिन शायद आप ये नहीं जानते होंगे कि जिस समय कटारिया प्रधानमंत्री मोदी से मिल रहे थे। उस दौरान उन्होंने महज एक घंटे में दो बार अपनी शर्ट भी बदली थी। जबकि प्रधानमंत्री मोदी उसी ड्रेस में नजर आए।
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