शाहजहां ने संगमरमर के पत्थरों से तराशा हुआ ताजमहल अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था, लेकिन आगरा में बना, मुहब्बत और प्रेम का यह बेजोड़ नमूना आजकल हिंदु्स्तान के राजनीतिक हलकों में काफी सरगर्मी पैदा कर रहा है। सपा नेता आजम खान के विवादित बयान के बाद अब उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के ताजा बयान ने ताजमहल-मुद्दे को एक नया मोड़ दे दिया है। वाजपेयी ने दावा किया है कि ताजमहल एक प्राचीन मंदिर था।
ताजमहल मुद्दे पर शिया और सुन्नी के बीच जारी रस्साकशी के बीच बाजपेयी के बयान ने इस मु्ददे को और गर्मा दिया है। लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने रविवार को यह दावा किया है कि ताजमहल एक प्राचीन मंदिर था। वाजपेयी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ताजमहल दरअसल तेजो महालय मंदिर का हिस्सा था और यह मंदिर जिस जमीन पर बना है उसे मुगल बादशाह शाहजहां ने राजा जय सिंह से खरीदा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत अब भी मौजूद हैं।
वाजपेयी ने उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खान को भी अपना निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि आजम खान वक्फ की संपत्ति पर कब्जा किए बैठे हैं और अब उनकी नजर खबसूरत ताजमहल पर है। गौलतलब है कि अभी ताजमहल की देखरेख का जिम्मा एएसआई यानी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पास है।