बदायूं गैंगरेप मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सीबीआई का कहना है कि इस केस का मुख्य गवाह लाई डिटेक्टर टेस्ट में फेल हो गया है।
लाई डिटेक्टर टेस्ट के दौरान नजरू ने स्वीकार किया कि उसके पास मोबाइल फोन था। जबकि पहले उसने मोबाइल फोन होने से इनकार किया था।
सीबीआई ने बताया कि उसके पास से मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है और उसे जांच के लिए भेजा गया है कि आखिर इसमें से कहीं डाटा तो नहीं मिटाया गया है।
पीटीआई के मुताबिक सीबीआई के मुताबिक केस के इकलौते गवाह नजरू का हाल ही में पॉलीग्राफिक टेस्ट किया गया। बुधवार को इसकी रिपोर्ट आ गई है, जिसमें पाया गया है कि केस से जुड़े मुख्य सवालों पर उसके बयान में निरंतरता नहीं है।
नजरू के बयान के आधार पर ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज कर अपने दो कांस्टेबलों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप थे कि दोनों बहनों के साथ रेप करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई।
मगर केस में पहला मोड़ तब आया, जब सीबीआई द्वारा डीएनए टेस्ट के आधार पर जुटाए गए सबूतों में यह रेप की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद एजेंसी ने पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की क्योंकि लाई डिटेक्टर टेस्ट में भी वे पास हो गए थे।