निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को बुधवार दोपहर डासना जेल शिफ्ट कर दिया गया। इस संबंध में डासना जेल से मंगलवार देर रात स्थानीय जेल में संदेश पहुंचा था।
सीबीआई कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को निठारी कांड का दोषी मानते हुए दो सितंबर को उसके डेथ वारंट जारी किए थे। सात सितंबर से 12 सितंबर के बीच उसकी फांसी मुकर्रर करते हुए गाजियाबाद की डासना जेल से मेरठ शिफ्ट कर दिया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोली की फांसी पर 29 अक्तूबर तक रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही कोली को वापस डासना जेल शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि मंगलवार देर रात डासना जेल प्रशासन की तरफ से विशेष वाहक ने कोली को डासना जेल में शिफ्ट करने संबंधी कोर्ट का आदेश पत्र सौंपा। बुधवार दोपहर 12.04 बजे कोली को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल भेज दिया गया।
हाथ जोड़कर बोला धन्यवाद
कोली को वापस डासना जेल भेजने की जानकारी बुधवार सुबह सात बजे गिनती के दौरान दी गई। जेल अधीक्षक के अनुसार कोली ने उस समय कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। नाश्ते में उसने शांत भाव से दलिया और खाने में उड़द चने की दाल और तौरी की सब्जी खाई। 11.50 बजे जब उसे डासना जेल ले जाने के लिए बैरक से निकाला गया तो उसने मुलाकात कक्ष में पहुंचकर हाथ जोड़कर धन्यवाद बोला। 12 बजे उसे गाड़ी में बैठाया गया।
‘भाग्यशाली रही मेरे लिए मेरठ जेल’
मेरठ जेल में रहते हुए मेरी फांसी टल गई। आठ साल से मैं अपनी मां से मिलने को तरस रहा था। लेकिन वह इच्छा भी पूरी हो गई। अब पता नहीं डासना जेल में मेरा भविष्य क्या होगा। मेरठ जेल से निकलते समय कोली ने जेल के कर्मचारियों से यह बातें कहीं। उसका कहना था कि मेरठ की जेल मेरे लिए भाग्यशाली रही। पता नहीं कि डासना जेल में पत्नी और बच्चों से मुलाकात होगी। अगर मेरठ जेल में रहता तो यह संभव था।