कटरा सआदतगंज कांड के तीनों मुख्य आरोपियों को भी गुरुवार को सशर्त जमानत मिल गई है। तीनों आरोपियों को दो-दो लाख के निजी मुचलके और दो-दो लाख के जमानती कोर्ट में दाखिल करने होंगे।
मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) अनिल कुमार ने इसके साथ सीबीआई को भी हिदायत दी है कि वह जल्द घटना का पर्दाफाश कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करे।
मामले में आरोपी दोनों सिपाहियों को कोर्ट एक सितंबर को ही सशर्त रिहा करने का आदेश दे चुका है। हालांकि इनकी अब तक जेल से रिहाई नहीं हो सकी है। पांचों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश भी किया जाएगा।
कटरा सआदतगंज की दो चचेरी बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पप्पू यादव, अवधेश यादव, उरवेश यादव (सगे भाई) के अलावा सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार आरोपी हैं।
सिपाहियों को भी मिली जमानत
मामले में जांच कर रही सीबीआई आरोपियों के खिलाफ 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है। चार्जशीट दाखिल न होने की वजह से आरोपियों की न्यायिक हिरासत को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
90 दिन के बाद आरोपी सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी। एक सितंबर को कोर्ट ने दोनों सिपाहियों की जमानत मंजूर कर ली थी।
इसके बाद बुधवार को बाकी के आरोपियों ने भी कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर दी। गुरुवार को इस पर सुनवाई करते हुए स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) ने इनकी भी सशर्त रिहाई का आदेश दिया।
तीनों आरोपियों को दो-दो लाख के निजी मुचलके और दो-दो लाख के जमानती कोर्ट में दाखिल करने होंगे। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अगर आरोपी गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश करते हैं तो उनकी जमानत खारिज कर दी जाएगी।
एसओ से भी हुई पूछताछ
कटरा सआदतगंज कांड में आरोपी सिपाही सर्वेश यादव की रिहाई गुरुवार को तकनीकी कमी से लटक गई। अब उसकी रिहाई शुक्रवार को हो सकेगी। इधर सिपाही छत्रपाल गंगवार की जमानत की अब तक तस्दीक नहीं हो सकी है।
एसओ उसहैत समेत तीन से पूछताछ
कटरा सआदतगंज कांड की जांच कर रही सीबीआई ने मुख्य गवाह बाबूराम और रामवीर उर्फ वीरे शाक्य समेत उसहैत एसओ विजय गौतम से मंडी समिति स्थित गेस्ट हाउस में पूछताछ की।
सीबीआई की टीम ने पीड़ित परिवार से बात की। एक लड़की के पिता ने अधिकारियों को बताया कि मुख्य गवाह बाबूराम उर्फ नजरू को बयान बदलने का लालच दिया गया है।
लड़की के पिता ने बताया कि गांव के ही रामवीर उर्फ वीरे शाक्य ने बाबूराम से बयान बदलने पर फायदा होने की बात कही थी। रामवीर उर्फ वीरे शाक्य से यह बात एक पुलिस अफसर ने कही थी।