सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद से जुड़े मामले की सुनवाई अब 2 अप्रैल को होगी। इस मामले में सीबीआई की याचिका में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 18 अन्य लोगों के खिलाफ फिर से साजिश के आरोप तय करने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति एलएच दत्तू और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की ओर से आग्रह किए जाने के बाद मामले की सुनवाई दो अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ वकील पीपी राव ने खंडपीठ से कुछ सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। इसके बाद खंडपीठ ने प्रतिवादियों यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और अन्य के वकील की राय जाननी चाही। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अदालत ने इसकी सुनवाई दो अप्रैल तय कर दी।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने इन नेताओं को आपराधिक साजिश रचने के आरोपों से मुक्त कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने भी अपनी मुहर लगाई थी।
विवादित ढांचा ढहाए जाने के आरोपों से मुक्त किए गए प्रमुख नेताओं में लालकृष्ण आडवाणी और कल्याण सिंह के अलावा, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, विष्णुहरि डालमिया और साध्वी रितंभरा शामिल हैं।