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आबकारी कार्यालय पर महिलाओं ने किया हमला

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यूपी के मेरठ में शराब माफिया गणेश की गिरफ्तारी से बौखलाए शराब माफियाओं के घर की महिलाओं ने आबकारी ऑफिस पर हमला बोल दिया। आबकारी महिला सिपाहियों पर केरोसिन फेंककर जलाने की कोशिश की और अधिकारियों पर पथराव किया। मीडियाकर्मियों से भी मारपीट की। आबकारी विभाग की तहरीर पर शराब माफिया की पत्नी समेत आधा दर्जन से अधिक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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थाना टीपीनगर में शराब माफिया गणेश सिंह समेत एक दर्जन से अधिक लोग अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से करते हैं। इस काम में महिलाएं भी शामिल हैं। थाना और आबकारी विभाग के अधिकारियों पर माफियाओं से मोटी अवैध वसूली का भी आरोप है। शराब माफियाओं के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा और उन्होंने गणेश के घर में तोड़फोड़ की और एसएसपी से शिकायत की थी।

एसएसपी डीसी दूबे ने थाना टीपीनगर एसओ प्रशांत कपिल को दो दिन में कार्रवाई के निर्देश दिये थे। एसएसपी की लाइन हाजिर की चेतावनी पर एसओ ने मंगलवार को गणेश को गिरफ्तार किया था। उस पर डोडा पोस्त की कार्रवाई की। इससे नाराज गणेश की पत्नी चंदा और बेटी समेत आधा दर्जन से अधिक महिलाओं के साथ बुधवार दोपहर आबकारी ऑफिस पहुंचीं।
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पहले आबकारी इंस्पेक्टर अरविंद मौर्या के ऑफिस में हंगामा किया और महिला सिपाही ओवेनिशा और सविता पर केरोसिन छिड़क दिया। इससे बाद आग लगाने की कोशिश की। जैसे-तैसे वे बचीं। आबकारी विभाग कर्मचारियों के विरोध करने पर पथराव दिया और मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की।

मंडलायुक्त के साथ बैठक कर रहे उप आबकारी आयुक्त पीएस कानड़े मीटिंग छोड़कर ऑफिस पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। कानड़े को खुली चुनौती दी कि वे तो अवैध शराब बेचेंगी। इसके बदले वे विभाग को लाखों रुपये हर महीने देती हैं। इस पर कानड़े ने कहा कि शराब माफियाओं को संरक्षण देने और वसूली करने वाले विभागीय कर्मचारियों की जांच की जाएगी। जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

संगीन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट

आबकारी विभाग की तहरीर पर थाना कोतवाली में चंदा पत्नी गणेश, निर्मला, शारदा, रामू, सोनिया, अनीता, सुषमा, गीता, निम्मू, ममता एवं अन्य के खिलाफ बलवा, लोकसेवक पर हमला, सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़, आग से हमला जैसी संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। इंस्पेक्टर कोतवाली का कहना था कि गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

आखिर कहां से आ रही अवैध शराब

उप आबकारी अधिकारी ने सवाल उठाया कि उनकी टीम हर दिन टीपीनगर में छापेमारी कर अवैध शराब पकड़ रही है। 1 से 10 सितंबर के बीच मेरठ में 89 स्थानों पर छापेमारी की गई और 2500 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। जिसकी कीमत 6.61 लाख है। वहीं पूरे मेरठ मंडल में 334 स्थानों पर 1.8 करोड़ रुपये कीमत की 26.79 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी है।

कप्तान साहब से पूछ लें, फिर पकड़ेंगे

(आबकारी अधिकारी की आंख में गिरा पेट्रोल)

शायद ये पहला वाकया होगा, जब पुलिस मौके पर थी। शराब माफियाओं के घर से ताल्लुक रखने वाली महिलाएं आबकारी विभाग में उत्पात मचा रही थीं। मीडियाकर्मियों पर हमला कर रही थीं, लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी सब कुछ हाथ बांधे देख रही थी। महिलाओं को पकड़ना तो दूर, उन्हें रोकने तक की पुलिस ने कोशिश नहीं की। इंस्पेक्टर आपस में ये कहते सुने गए कि पहले कप्तान साहब से पूछ लें, फिर पकड़ लेंगे।

आबकारी विभाग पर हमला और हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली अजय अग्रवाल, इंस्पेक्टर सिविल लाइन इकबाल अहमद कलीम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। हाथ में डंडा लिए पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन उत्पात मचा रही महिलाओं को उन्होंने रोकने की कोशिश तक नहीं की। महिलाएं पुलिस को धक्का देखकर विभाग के अंदर सीढ़ियों पर बैठ गई और हंगामा शुरू कर दिया। उप आबकारी आयुक्त पीएस कानड़े ने इंस्पेक्टर को महिलाओं को पकड़ने को कहा, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया।
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शासन तक पहुंची शिकायत

(आबकारी महिला अधिकारी की आंख में गिरा पेट्रोल)

इंस्पेक्टर इकबाल अहमद कलीम तो ये कहते सुने गए कि महिलाओं को पकड़ने से पहले कप्तान साहब से पूछ लें। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सीओ कोतवाली विनीत भट्नागर ने भी पूछा कि किसी महिला को पकड़ा गया तो जवाब न में मिला। विनीत भटनागर ने भी हैरानी जताई कि पुलिस की मौजूदगी में हंगामा करने वाली 10 महिलाओं में से किसी को भी पुलिस ने क्यों नहीं पकड़ा।

उप आबकारी आयुक्त पीएस कानड़े ने बताया कि पुलिस के लापरवाह रवैये की शिकायत शासन से की गई है। साथ ही इस संबंध में एसएसपी को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। उधर, इंस्पेक्टर कोतवाली अजय अग्रवाल का कहना है कि सरकारी मामलों में बाद में तहरीर नहीं मिलती और फिर थाने से छोड़ना पड़ता है। सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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