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अटल पेंशन योजना में नहीं रही लोगों की रुचि

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बहुप्रचारित और पांच साल तक सब्सिडी वाली अटल पेंशन योजना में लोगों ने कोई खास पसंद नहीं किया है। पिछले साल 9 मई को लांच हुई इस योजना में 31 दिसंबर 2015 तक 20 लाख से भी कम लोगों ने ही खाता खुलवाया है, जबकि  इसके लिए सरकार ने दो करोड़ खाते का लक्ष्य दिया था।
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अधिकारियों का कहना है कि जिन वर्गों के लिए इस योजना का डिजाइन हुआ है, उसमें जागरूकता नहीं होने की वजह से इसकी संख्या ज्यादा नहीं हो पायी। लेकिन इसकी अवधि बढ़ा देने की वजह से लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 16 जनवरी 2016 तक अटल पेंशन योजना केतहत 18.99 लाख खाते ही खुल पाये हैं जबकि 31 दिसंबर 2015 तक इसके तहत बैंकों को कम से कम दो करोड़ लोगों का खाता खोलने का लक्ष्य दिया गया था।
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सरकार की सब्सिडी भी लोगों को आकर्षित नहीं कर पायी

इस योजना को धरातल पर उतारने वाली एजेंसी पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी -पीएफआरडीए- ने तो लक्ष्य को पूरा करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। यहां तक कि बीते दिसंबर माह में 29 और 30 तारीख को इसकेलिए स्पेशल लॉगइन डे बनाया गया और उस दिन बैंकों ने सभी काम को छोड़ कर सिर्फ इसका  खाता ही खोला। लेकिन तब भी लक्ष्य के मुकाबले 9.49 फीसदी ही खाता खुल पाया।

लक्ष्य पूरा क्यों नहीं हो पाया, इस सवाल पर पीएफआरडीए के सदस्य -वित्त- आर वी वर्मा ने बताया --जिनकेलिए इस प्रोडक्ट को डिजाइन किया गया है, उनमें जागरूकता का अभाव है। हालांकि जागरूकता अभियान से उनमें रूचि जगी है लेकिन उनके पास जब पैसा आता है तो दैनंदिन आवश्यकता को पूरा करने पर वे ज्यादा जोर देते हैं।

इस बारे में एक अग्रणी सरकारी बैंक के अध्यक्ष ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि योजना में लॉक इन पीरियड काफी लंबा है। उदाहरण के लिए यदि कोई 20 साल का व्यक्ति अभी खाता खुलवाता है तो उसकी राशि 40 साल तक फंसी रहेगी। इस बीच यदि उसे कोई आपात स्थिति आती है तो भी उसे पैसे नहीं मिलेंगे। इसलिए इसमें थोड़ा सा लचीला रूख अपनाये जाने की जरूरत है।
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लक्ष्य का 10 फीसदी भी नहीं हो पाया है हासिल

उल्लेखनीय है कि अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल के उम्र के व्यक्ति को पात्र बनाया गया है। ये अगर प्रतिमाह 42 रुपये से 1452 रुपये तक की राशि जमा करते हैं तो उनको 60 साल पूरा होने पर उनके द्वारा जमा की गयी पूंजी के हिसाब से 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की राशि प्रति महीने पेंशन के रूप में मिलेगी।

इसमें पांच साल तक हर लाभार्थी को प्रीमियम में 50 फीसदी राशि (प्रति वर्ष अधिकतम 1000 रुपये) केन्द्र सरकार से सब्सिडी भी मिलेगी। सरकार का कहना है जो कि व्यक्ति जितना ज्यादा राशि हर महीने जमा करेंगे, उन्हें उतनी ज्यादा राशि पेंशन के रूप में मिलेगी।
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