नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में फंसे आसाराम बापू लगातार पीड़िता को लेकर विवादास्पद बयान दे रहे हैं। इस मामले में उनके बेटे नारायण साईं भी पीछे नहीं हैं।
आसाराम कभी पीड़ित को पोती, बेटी जैसी तो कभी चालाक और पागल बता रहें है। इतना ही नहीं आसाराम बापू ने अपने प्रवचन में लड़की का नाम तक उजागर कर दिया है।
बृहस्पतिवार को भी आसाराम बापू ने भोपाल में अपने समधी की अंत्येष्टि पर बोलते हुए लड़की पर आरोप लगाए। आसाराम ने कहा कि लड़की नाम कमाना चाहती है।
आसाराम ने लड़की का नाम लिए बिना अपने समर्थकों और मीडिया को अपने बचाव में एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा की जिस लड़की ने उन पर आरोप लगाया है, उसे वो पीड़िता नहीं कहना चाहते।
उन्होंने बताया कि अभी-अभी उन्हें ये पता चला है कि उस कन्या ने आश्रम से निकलने के पहले अपनी सहेलियों से कहा था कि वो दुनिया में नाम करना चाहती है। वह इस आश्रम में दोबारा नहीं लौटेगी। आसाराम ने एक सरकारी अधिकारी का नाम लिए बिना उसके हवाले से यह बात बताई।
बापू बता रहे चालाक और बेटा पागल
इससे पहले भी आसाराम बापू लड़की के बारे में बयानबाजी कर चुके हैं। अपने एक प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा था कि लड़की बहुत चालाक है और वह उसे अच्छे से जानते हैं। कभी वो लड़की को अपनी बेटी, पोती जैसे बताते हैं तो कभी उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त कहते हैं।
वहीं, आसाराम के बेटे का कहना है कि पीड़िता पागल है। नारायण साईं ने राजकोट में एक प्रवचन के दौरान कहा कि बापू पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की मानसिक रूप से बीमार है।
आगे साईं ने कहा कि जब वो छिंदवाड़ा गुरुकुल में पढ़ती थी तब भी उसकी मानसिक हालत खराब थी। वो गुरूकुल में पढ़ाई के दौरान घंटो नहाती थी। गुरुकुल में भी वो प्रार्थना के समय लेट आया करती थी, जब उसके माता-पिता से इसकी शिकायत की गई तो उन्होंने बताया कि ये दिमागी रूप से बीमार है।
आसाराम बापू ने इंदौर में मीडिया और समर्थकों से बातचीत में पीड़िता का नाम भी उजागर कर दिया था जो कि कानूनन जुर्म है।