नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम बापू पर एक और चौंकाने वाला आरोप लगा है। पीड़िता का दावा है कि आसाराम ने उसे ओरल सेक्स के लिए मजबूर किया था।
सूत्रों के मुताबिक लड़की ने पुलिस को जांच में बताया कि आसाराम ने उसकी स्कर्ट उतारकर, उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया वहीं उसे ओरल सेक्स के लिए मजबूर किया। हालांकि लड़की ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया था।
लड़की ने पुलिस को ये भी बताया कि शोर न करने के लिए धमकाया भी गया। इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना 15 अगस्त रात दस बजे जोधपुर से 40 किमी दूर की है।
फांसी पर लटका देना चाहिए आसाराम को
चारों तरफ से आसाराम पर पड़ रहे दबाव के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आसाराम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आसाराम बापू न संत हैं और न ही धर्माचार्य हैं, वह सिर्फ एक गृहस्थ कथा वाचक हैं जो प्रवचन करते हैं।
पीड़िता के पिता बोले बर्बाद कर दिया आसाराम ने
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि संत या धर्माचार्य बनने के लिए किसी गुरु से दीक्षा लेनी पड़ती है, संन्यास लेना होता है, लेकिन आसाराम बापू ने किसी गुरु से दीक्षा नहीं ली और न ही उन्होंने संन्यास लिया है।
कथा वाचन और प्रवचन उनका व्यवसाय है। इसी तरह सिर्फ गेरुआ वस्त्र पहनने से भी कोई संत या धर्माचार्य नहीं हो जाता।
वहीं, जोधपुर पुलिस का सम्मन आसाराम बापू के आश्रम में पहुंच जाने के बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। उन्हें 30 अगस्त जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है।