अपने बयानों से सियासी मामलों को नया रंग देने में माहिर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रविवार को आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा में शानदार जीत को नया मोड़ देने का प्रयास किया। एक ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कांग्रेस मुक्त भारत मुहिम का हिस्सा हैं।
आप नेता पर लगाए गए अपने आरोप के पक्ष में दिग्विजय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि जब वह कहते थे कि अन्ना आंदोलन के पीछे संघ का हाथ है तो कोई विश्वास नहीं करता था और उन्हें पागल तक कहा गया। आखिर में उनकी ही बात सही साबित हुई और इस बार भी ऐसा ही होगा। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वह जानते हैं कि अपनी इस टिप्पणी के लिए उन्हें संघ और केजरीवाल समर्थकों की ओर से अपशब्द सुनने पड़ेंगे।
'कांग्रेस मुक्त भारत की योजना का हिस्सा है आप'
बयान की सफाई में दिग्विजय ने टाइम्स आफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि राजनीति आंदोलन के रूप में आम आदमी पार्टी को ऐसे कार्यकर्ताओं ने खड़ा किया, जिन्हें आरएसएस ने आगे बढ़ाया। आज भी वे भाजपा और उसकी नीतियों की आलोचना नहीं करते।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार की बात करती है। हालांकि भष्टाचार समाज, सरकार और सभी दलों के लिए एक मुद्दा है। सभी पार्टियां भष्टाचार के खिलाफ अपने-अपने तरीके से लड़ रही हैं। हालांकि आप केजरीवाल से पूछेंगे कि आपकी विचारधारा क्या है तो वे कहेंगे के हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं।। भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन नहीं है?
दिग्गी से जब पूछा गया कि क्या आप सेक्युलर राजनीति करने वालों के लिए नया विकल्प है, उन्होंने कहा कि आप आरएसएस की कांग्रेस मुक्त भारत की योजना का ही हिस्सा है। 2010 से मैं ये मानता रहा हूं।
'कभी भी BJP की मानसिकता पर सवाल नहीं उठाया'
सेक्युलरिज्म के मसले पर आप को अधिक साफगोई से सामने आने की चुनौती देते हुए दिग्विजय ने पूछा कि क्या केजरीवाल 'हिंदू राष्ट्र' में विश्वास रखते हैं? वह धर्मातंरण पर क्यों नहीं बोलते? क्या केजरीवाल को उन सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों में भरोसा करते हैं, जो अल्पसंख्यकों के कल्याण के चलाए जा रहे हैं?
दिग्गी ने पूछा की केजरीवाल ने दिल्ली के इन इलाकों का दौरा क्यों नहीं किया, जहां हाल ही में दंगे हुए थे? उन्होंने कभी भाजपा की मानसिकता पर भी सवाल नहीं उठाया।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि एक भी ऐसी लाइन बता दीजिए, जो केजरीवाल ने धर्मांतरण के खिलाफ बोली हो या उन्होंने आरएसएस के खिलाफ वैचारिक स्तर पर कोई दिशा ली हो। आप के जितने भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ते हैं, वे भाजपा में शामिल होते हैं, कांग्रेस में नहीं आते? ऐसा क्यों? क्योंकि उनकी विचारधारा वही है।
कांग्रेस का किला बचाने की कोशिश तो नहीं ये बयान?
हालांकि दिग्विजय सिंह के बयान को बयान को कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को बचाने की कोशिशों के तहत देखा जा रहा है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की ऐतिहासिक जीत कांग्रेस के वोट बैंक के एकमुश्त आप के पक्ष में जाने के वजह से हुई है। दिल्ली में आप को 70 में से 67 जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। दिल्ली की सभी सुरक्षित सीटें आप के खाते में गईं और मुस्लिम बहुल सीटों पर भी आप ने ही कब्जा जमाया।
दिल्ली के बाद अन्य राज्यों में आप के कदम पसारने के ऐलान के बाद कांग्रेस को अपने परंपरागत वोट बैंक की चिंता सता रही है।