बुकर पुरस्कार विजेता अरूंधति राय को बांबे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष पेश होना ही पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अरूंधति राय को पेशी से छूट देने से इनकार किया है। अरूंधति ने अपने एक लेख के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा की गिरफ्तारी को लगातार बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था। माओवादियों से कथित तौर पर संपर्क होने के आरोप में साईबाबा को गिरफ्तार किया गया था।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने अरूंधति द्वारा आपराधिक मानहानि के मुकदमे की कार्यवाही को निरस्त करने की गुहार संबंधी याचिका पर बांबे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। हालांकि पीठ ने अरूंधति के खिलाफ जारी समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। पीठ ने अरूंधति से कहा कि आप सोमवार को अदालत के समक्ष पेश होइए, हम आपके साथ हैं।