टेलीविजन के जाने पहचाने पत्रकार-संपादक अर्णब गोस्वामी पर अंग्रेजी पत्रिका आउटलुक ने सवाल उठाए हैं।
कहते हैं कि खबरनवीस खबरें बनाता है, खुद खबर नहीं बनता लेकिन टाइम्स नाउ के प्रमुख संपादक अर्णब गोस्वामी इसका अपवाद हैं। वे एक बार फिर खबर बन गए हैं। अंग्रेजी की पत्रिका आउटलुक ने उन पर कवर स्टोरी की है जिसमें इस पर चर्चा की गई कि क्या अर्णब टीवी पर समाचार को खत्म कर रहे हैं?
इससे पहले कैरावान नाम की एक पत्रिका ने भी उन पर एक कवर स्टोरी की थी। पिछले हफ्ते आउटलुक के संपादकीय सलाहकार और पूर्व संपादक विनोद मेहता का निधन हुआ था। तब अर्णब ने उनके लिए जो श्रद्धांजलि लिखी थी, उससे लोगों को आश्चर्य हुआ था कि अर्णब गोस्वामी ऐसा भी सोचते हैं, लेकिन उसी आउटलुक ने इस बार अर्णब गोस्वामी पर कवर स्टोरी कर दी। आउटलुक के कवर पर लिखा है, 'अर्णब गोस्वामी: द मैन हू किल्ड टीवी न्यूज़' यानी 'जिसने टीवी पर समाचार को खत्म कर दिया'।
कुल नौ पृष्ठों में पत्रिका ने उनके कार्यक्रम 'न्यूज़ आवर' का विश्लेषण किया है। इस विश्लेषण का सार भी कवर पेज पर है। इसके अनुसार, " वे प्रखर, तेज और मजेदार तो हैं, और वे अपनी ओर आपका ध्यान भी आकृष्ट करते हैं, लेकिन उंगलियां दिखाकर, गाली-गलौज के स्तर तक जाकर और अति राष्ट्रवाद के फेर में कहीं उन्होंने खबरों की गंभीरता, संयम और संतुलन को खत्म तो नहीं कर दिया?" इस स्टोरी में उन सभी लोगों से बात की गई है जो या तो कभी 'न्यूज़ आवर' का हिस्सा रह चुके हैं और अब दूर हो चुके हैं या फिर अभी भी उसका हिस्सा बने हुए हैं।
पत्रिका ने अर्णब की तस्वीर के नीचे कैप्शन में लिखा है, " वन मैन शो: 'न्यूज़ आवर' में अर्णब जज होते हैं और जनता जूरी." पत्रिका यह भी विश्लेषण है कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया और इकॉनॉमिक टाइम्स के संचालक, जिनका दृष्टिकोण हमेशा व्यावसायिक होता है, वे अर्णब के 'न्यूज़ आवर' से सहमत दिखते हैं।
न्यूज़ आवर' टाइम्स नाउ पर हर रात नौ बजे प्रसारित होता है. टेलीविजन में कार्यक्रमों की लोकप्रियता मापने वाली एजेंसी का कहना है कि यह कार्यक्रम खासा लोकप्रिय है। इस कार्यक्रम के जरिए अर्णब ने इस टेलीविजन चैनल को पहचान दिलाई है।