जाट रेजीमेंट सेंटर के बरेली स्थित 246 आर्मी एविएशन बेस में ट्रेनिंग के दौरान बुधवार को सुबह चीता हेलीकॉप्टर क्रैश होने से तीन अफसर शहीद हो गए। हादसा हेलीकॉप्टर का पंखा टूटने से हुआ। इससे असंतुलित हेलीकॉप्टर एविएशन बेस के मैदान में ही करीब 300 मीटर ऊंचाई से नीचे गिरा और उसमें आग लग गई।
इसमें सवार पायलट, को पायलट और इंजीनियर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसा सुबह करीब सात बजकर 40 मिनट पर हुआ। एविएशन बेस से चीता हेलीकॉप्टर ने नियमित ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के 20 मिनट बाद ही ये दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पंखा टूटते ही लड़खड़ाने लगा हेलीकॉप्टर
हेलीकॉप्टर ने आसपास दो चक्कर लगाए। तीसरा चक्कर चल रहा था कि तेज आवाज के साथ हेलीकॉप्टर का पीछे का पंखा टूट गया। इससे हेलीकॉप्टर लडख़ड़ाने लगा। इस पर सवार तीनों अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही एयर ट्रांजिट कंट्रोलर ने खतरे का संकेत देते हुए पायलट से हेलीकॉप्टर एविएशन बेस पर जल्द से जल्द उतारने का मैसेज भेज दिया।
पायलट ने हेलीकॉप्टर को साधते हुए बेस पर उतारने की कोशिश की लेकिन उससे पहले ही वह असंतुलित होकर मैदान में गिर पड़ा और बेहद तेज धमाके के साथ उसमें आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी जबरदस्त थी कि तीनों अधिकारी बुरी तरह से जल गए। एविएशन बेस पर तैनात जवान मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मेजर अभिजीत थापा उड़ा रहे थे हेलीकॉप्टर
हेलीकॉप्टर को मेजर अभिजीत थापा उड़ा रहे थे। को-पायलट मेजर वरयानी और कैप्टन विकास उस पर सवार थे।
सेना के सूत्रों का कहना है कि कैप्टन विकास को एक सप्ताह से इस हेलीकॉप्टर से ट्रेनिंग दी जा रही थी। हादसे के बाद आर्मी के सारे बड़े अफसर मौके पर पहुंच गए।
बरेली में स्थित आर्मी के उत्तरी भारत एरिया के अफसरों ने भी मौके पर पहुंचकर हादसे की स्थिति जानी। प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा भी पहुंचे।