मेरठ-बड़ौत मार्ग पर रजापुर गांव के पास बदमाशों ने लूटपाट के लिए कार सवार फौजी और उसके साथियों पर गोलियां बरसा दीं। जवाब में फौजी ने भी लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां चलाई, जिसमें एक बदमाश की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। फौजी भी गोली लगने पर घायल हो गया। उसे मिलिट्री हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश गढ़ रोड पर एसएम हास्पिटल में भर्ती है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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मोहननगर, बड़ौत, बागपत निवासी सचिन तोमर पुत्र ईलम सिंह आर्टिलरी में सिपाही है और इन दिनों फरीदकोट, पंजाब में तैनात है। वह 50 दिन की छुट्टी आया है। बृहस्पतिवार को बड़े भाई विनोद, उसके साले सचिन निवासी भौराकलां (मुजफ्फरनगर) और ड्राइवर अखिल के साथ मेरठ में आर्किटेक्चर के यहां मकान का नक्शा बनवाने आया था। रात लगभग 11:20 बजे सेभी स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर बड़ौत लौट रहे थे।
सचिन के भाई विनोद के अनुसार मेरठ-बड़ौत रोड पर रजापुर में ईंट भट्ठे के पास पीछे से स्विफ्ट कार में आए बदमाशों ने उनकी कार में टक्कर मार दी। हमने अपनी कार रोकी तो हथियार बंद बदमाशों ने घेर लिया। सचिन तोमर जैसे ही कार से बाहर निकला, तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सचिन ने भी लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां बरसाई।
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फायरिंग में एक गोली उनकी कार की छत में लगी, जबकि दूसरी सचिन के कंधे में लग गई। इस पर सचिन वापस कार में बैठा और अस्पताल ले जाने की बात कही। विनोद ने बताया वे सचिन को मेरठ लाए और मिलिट्री हास्पिटल में भर्ती कराने के बाद घटना की सूचना कॉल करके परिजनों को दी।
जब मौके पर पुलिस पहुंची
रात करीब एक बजे सरूरपुर पुलिस ने गश्त के दौरान सड़क पर लाश पड़ी देखी तो थानाध्यक्ष तेज सिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर काफी खून पड़ा था और गाड़ी का टूटा कांच बिखरा था। वहीं जिस युवक की लाश पड़ी थी, उसके मुंह पर कपड़ा बंधा था। मौके पर ही एक तमंचा और मोबाइल फोन पड़ा था। फोन से ट्रेस करने पर मरने वाले की शिनाख्त अर्जुन पुत्र अनिल निवासी छबड़िया, सरधना के रूप में हुई। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।
शुक्रवार सुबह एसपी देहात और सीओ सरधना ने घायल फौजी सचिन तोमर से मिलिट्री हास्पिटल जाकर पूछताछ की। फिर मालूम चला कि बदमाशों का एक और साथी घायल है, जो मेडिकल थाना क्षेत्र में गढ़ रोड पर एसएम हास्पिटल में भर्ती है। उससे भी पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फौजी और उसके साथियों पर लूटपाट के इरादे से गोलियां चलाई गई। दोनों और से फायरिंग हुई। फौजी के भाई विनोद की तहरीर पर बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वहीं एक सूचना चौकीदार मुकेश की तरफ से देर रात सरूरपुर थाना पुलिस ने दर्ज की।
अर्जुन या अभिलाष का आपराधिक रिकार्ड नहीं फौजी और उसके साथियों पर हमला करने वाले अर्जुन या अभिलाष का आपराधिक रिकार्ड पुलिस को नहीं मिला है। ऐसे में फौजी और उसके भाई की कहानी पुलिस को असमंजस में डाल रही है। वैसे पुलिस अफसरों का कहना है कि अर्जुन ने साथी इकट्ठा किए और मेरठ-बड़ौत मार्ग पर लूटपाट की वारदात करने निकला था। वहीं बताया गया कि अर्जुन एलएलबी का छात्र था। वहीं इसका साथी सतवेंद्र पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का ड्राइवर का रहा है।
दोपहर तक छिपाई लाइसेंसी पिस्टल की बात घायल फौजी सचिन और उसके भाई विनोद ने शुक्रवार दोपहर तक लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलाने की बात छिपाकर रखी। एसपी देहात ने बताया कि रात में चौकीदार की तरफ से सूचना दर्ज की गई थी। दोपहर को विनोद ने तहरीर देकर बताया कि सचिन ने भी लाइसेंसी पिस्टल से अपने बचाव में गोली चलाई थीं।
एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से फायरिंग की। बचाव में फौजी सचिन ने लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां चलाई। एक बदमाश की मौत हो गई और दूसरा घायल है। फरार बदमाशों में एक छबड़िया का सतवेंद्र और तीन अन्य अर्जुन के दोस्त थे। मामले की जांच की जा रही है।
परिजनों का कहना है...
मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र में फौजी से मुठभेड़ के दौरान मारा गया 24 वर्षीय अर्जुन इकलौता था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। अर्जुन मवाना रोड स्थित एक कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। परिजनों का कहना है कि अर्जुन को लुटेरा बताकर, हत्या की गई है। पुलिस भी दूसरे पक्ष का बचाव कर रही है।
सरूरपुर थाना पुलिस ने अर्जुन के परिजनों को शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे सूचना दी। दोपहर में परिजनों ने एसएसपी से मुलाकात की। इसके बाद सभी लोग मोर्चरी पहुंचे। अर्जुन के पिता अनिल किसान हैं। छबड़िया के ग्राम प्रधान जगदीश सिंह और पिता अनिल ने बताया कि अर्जुन लुटेरा नहीं था। पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब सवा आठ बजे अर्जुन से मोबाइल पर बात हुई थी। उसने कहा था कि वह दोस्तों के साथ शादी में बड़ौत जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सचिन तोमर पक्ष के दबाव में आकर अर्जुन और उसके दोस्तों को लुटेरा घोषित कर दिया है। मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। परिजनों का कहना है कि अर्जुन की हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उधर, अर्जुन के साथी सतवेंद्र निवासी छबड़िया के बारे में मालूम चला कि वह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का ड्राइवर रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष से फोन पर बात हुई, तो उन्होंने बताया कि सतवेंद्र 2010 में चार महीने के लिए उनकी कार का ड्राइवर था, अब नहीं है।
लूट की कोशिश या रोड रेज में हुई घटना सरूरपुर थाना पुलिस ने फौजी सचिन तोमर और उसके भाई की तहरीर पर लूट का प्रयास, गाड़ी में तोड़फोड़ और फायरिंग का मामला अर्जुन और उसके साथियों पर दर्ज किया। लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करने की बात छिपाना, कई सवाल खड़े कर रहा है। आशंका यह भी है कि रोड रेज की घटना में तो नहीं इतनी बड़ी वारदात हो गई। हालांकि एसओ सरूरपुर तेज सिंह यादव का कहना है कि अर्जुन के मुंह पर रूमाल बंधा था, उसके मोबाइल की बैटरी अलग मिली। इससे अंदाजा है कि लूटपाट के प्रयास के दौरान ही अर्जुन ने अपना चेहरा छिपाने के लिए रूमाल बांधा होगा।
अर्जुन का शव बृहस्पतिवार देर रात ही मोर्चरी भेज दिया गया था। बावजूद इसके शुक्रवार शाम तक उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। मोर्चरी पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर देरी की। कागजात पूरे करके नहीं भिजवाए, जिस कारण दिन में पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
भाजपाइयों ने किया थाने में हंगामा मुठभेड़ में करनावल निवासी कालूराम का बेटा अभिलाष भी घायल हुआ। बृहस्पतिवार देर रात वह घायलावस्था में करनावल पहुंचा और डॉ. राकेश गिरी से उपचार कराया। शुक्रवार दोपहर सरूरपुर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने करनावल में दबिश देकर चिकित्सक को थाने ले आई। वहां उनसे पूछताछ की गई। डॉ. राकेश गिरी भाजपा से जुड़े हैं। इसके चलते भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर पुलिस के रवैये पर रोष व्यक्त किया। थाने पहुंचे भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष महावीर दहिया की थानाध्यक्ष तेज सिंह यादव से नोकझोंक भी हुई।
तमंचा बदलने का आरोप सरूरपुर। मेरठ-बड़ौत मार्ग पर रात में राहगीरों व बदमाशों की मुठभेड़ में मरे बदमाश के पास पुलिस ने एक तमंचा बरामद किया था। लेकिन पुलिस ने घटना के 12 घंटे बाद खून से सना तमंचा हटाकर नया बरामद दिखाया। इसको काफी देर तक एक पुलिसकर्मी सरेआम थाने में लिए घूमता रहा। ऐसे में मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर ऐतराज जताया। परिजनों को आरोप है कि पुलिस ने रजापुर गांव के चौकीदार मुकेश कुमार से मन माफिक तहरीर ली।