भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने राजनीति में खास घरानों के बढ़ते प्रभाव को जनतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है।
उन्होंने दावा किया है कि लोकसभा के आगामी चुनाव से पहले वह कम से कम छह करोड़ लोगों को ईमानदार सांसद चुनने के लिए जागरूक कर देंगे।
हजारे ने अपने पैतृक गांव महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि में रविवार को नेहरू-गांधी अथवा मुलायम सिंह यादव समेत अन्य किसी भी परिवार का नाम लिए बगैर कहा कि देश की राजनीति में कुछ खास घरानों के बढ़ते प्रभाव से जनतंत्र को खतरा पैदा हो गया है।
फिर अभियान पर निकलेंगे
इससे शाही व्यवस्था का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि खास घरानों के होने की वजह से अनुभव नहीं होने के बावजूद लोग पदों पर बैठ रहे हैं। इससे देश की हानि हो रही है। वास्तविक प्रतिभाएं पीछे छूट रही हैं।
हजारे ने कहा कि वह 28 मार्च से 20 अप्रैल तक फिर अपने अभियान पर निकलेंगे। वे इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत पंजाब से करेंगे। इसके बाद हरियाणा और उतर प्रदेश जाएंगे।
संघर्ष के लिए तैयार रहें
इस दौरान वह लोक जागृति कर जनतंत्र मोर्चा बनाएंगे और लोगों से अहिंसात्मक संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील करेंगे।
उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि लोग मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल और बाबा रामदेव के अलग होने से भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम कमजोर हुई है, लेकिन यह सही नहीं है। कुछ लोगों के अलग होने के बाद मुझे जनरल वीके सिंह के रूप में मजबूत सहयोगी मिला है।