शारदा चिटफंड घोटाले के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता शंकुदेव पांडा से पूछताछ की।
कभी टीएमसी की युवा इकाई के अध्यक्ष रहे पांडा से ईडी का बयान एजेंसी ने मनी लांड्रिंग नियमों के तहत दर्ज किया है। फिलहाल पार्टी के महासचिव पांडा को समन भेज कर ईडी ने मंगलवार को बुलाया था लेकिन वह सोमवार को ही एजेंसी के सामने हाजिर हो गए।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक पांडा से पूछताछ मददगार साबित हो सकती है। एजेंसी मामले में पांडा के बयानों का मिलान करेगी और तथ्यों की जांच करेगी। पांडा ने एजेंसी का समन मिलने के बाद कहा था कि वह जांच में हरसंभव सहयोग देंगे।
बताया जाता है कि पांडा का नाम शारदा समूह की कम से कम चार कंपनियों में बतौर कर्मचारी सामने आया था। शारदा के मालिक सुदीप्त सेन के खाते से पांडा को 14-15 लाख रुपए का भुगतान किया गया था।
एजेंसी जानना चाहती है कि आखिर पांडा और शारदा के बीच किस तरह के संबंध थे और उनको किस काम के एवज में इतनी बड़ी रकम का भुगतान किया गया था। ईडी ने पांडा से पिछले पांच वर्षों के वित्तीय लेन-देन का ब्योरा और आय का हिसाब भी मांगा।