जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं सियासी दल वोटरों को रिझाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाह रहे। ये बातें एक के बाद एक सामने आ रहे सर्वे में सामने आ रही है।
इन सर्वे पर गौर करें तो दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी में कांटे की टक्कर देखी जा रही है। कभी केजरीवाल की पार्टी सत्ता के करीब दिखती है तो कभी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलता दिखाई देता है।
फिलहाल दिल्ली की जंग काफी दिलचस्प नजर आ रही है। इसकी तस्दीक पिछले दो दिनों के सर्वे से उभर कर सामने आ रही है। सबसे ताजा सर्वे की बात करें तो इंडिया टीवी और सी वोटर के सर्वे में भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है।
सबसे ताजा सर्वे में भाजपा को बहुमत
सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक भाजपा को किरण बेदी के आने का फायदा मिलता दिख रहा है। हालांकि सर्वे में मिल रही भाजपा की बढ़त में प्रधानमंत्री मोदी का भी अहम योगदान उभरकर सामने आ रहा है। खास तौर से दिल्ली चुनाव से पहले यहां मोदी की होने वाली 4 रैलियों से भी पार्टी को फायदे की उम्मीद है।
सी-वोटर के सर्वे में आम आदमी पार्टी की स्थिति में पहले के मुकाबले सुधार जताया गया है लेकिन उसे बहुमत नहीं मिल रहा। ये जरूर है कि पार्टी जनता का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
सी-वोटर सर्वे में अगर सीटों की जगह वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 45 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। ये आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले 33 फीसदी वोटों से कहीं ज्यादा है।
किरण से पिछड़े केजरीवाल: सर्वे
अगर आम आदमी पार्टी की बात करें तो उसके भी प्रदर्शन में सुधार दिखा है। उसे पिछली बार के 29 फीसदी वोट के मुकाबले इस बार 39 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस की हालत तो और भी खराब होती दिख रही है। पिछले चुनाव कांग्रेस का वोट प्रतिशत 25 फीसदी था लेकिन इस बार ये 10 फीसदी पर रूकता दिख रहा है।
अगर मुख्यमंत्री के तौर पर दिल्ली की जनता की पसंद की बात की जाए तो सी-वोटर सर्वे में किरण बेदी सबसे आगे हैं। उन्हें राजधानी की महिलाओं का खासा सपोर्ट मिल रहा है। केजरीवाल से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है, लेकिन वो किरन से पिछड़ते नजर आ रहे हैं।
सर्वे: दिल्ली में फिर से त्रिशंकु विधानसभा के आसार
सी-वोटर के सर्वे में जहां भाजपा को पूर्ण बहुमत की बात सामने आ रही है, वहीं हिंदुस्तान टाइम्स-सी फोर सर्वे के मुताबिक दिल्ली में एक बार फिर से त्रिशंकु विधानसभा की संभावना नजर आ रही है।
इस सर्वे में भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को ही 31 से 36 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। कांग्रेस की बात की जाए तो उसे 2 से 7 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है।
ये सर्वे किरण बेदी के भाजपा में शामिल होने के बाद 10 जनवरी से 19 जनवरी के बीच कराया गया है। इस सर्वे के मुताबिक मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली की जनता को अब भी केजरीवाल पर ज्यादा भरोसा है। उन्हें 43 फीसदी लोग समर्थन कर रहे हैं। जबकि किरण बेदी को 39 फीसदी और अजय माकन को 12 फीसदी लोग समर्थन दे रहे हैं।
इस सर्वे के मुताबिक किरण बेदी के भाजपा में आने से पार्टी को फायदा हो रहा है। पहले मुकाबले सीटों में भाजपा, 'आप' से बेहतर करती दिख रही है। किरण बेदी इस चुनाव में 'गेमचेंजर' के तौर पर नजर आ रही हैं।
क्या होगा दिल्ली का आखिरी फैसला?
ताजा सर्वे में भले ही भाजपा सबसे आगे हो लेकिन दिल्ली की जनता का मिजाज क्या है ये तो चुनाव नतीजों के बाद साफ होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सी-वोटर सर्वे से पहले एबीपी न्यूज़-नील्सन सर्वे के मुताबिक केजरीवाल लगातार दिल्ली में मुख्यमंत्री की पहली पसंद बने ही हुए हैं।
सी-वोटर के मुकाबले नील्सन के सर्वे में किरण को खासा नुकसान दिखाई दे रहा है। जनवरी के पहले सर्वे में जहां किरण बेदी मुख्यमंत्री के रूप में 44 फीसदी लोगों की पसंद बनी हुई थीं। वहीं अब ये आंकड़ा घटकर 40 फीसदी पर रह गया है।
केजरीवाल की बात करें तो उन्हें 51 फीसदी लोग दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। पहले ये आंकड़ा 47 फीसदी का था।
फिलहाल सर्वे में जारी जंग में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच जंग काफी रोमांचक है। दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं। लेकिन आखिरी फैसला तो जनता को करना है। दिल्ली में 7 फरवरी को मतदान है और 10 फरवरी नतीजे आएंगे।