हिंदुस्तान और हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी पर उस्मानिया विश्वविद्यालय थाने में भी एक मामला दर्ज कर लिया गया है।
इससे पूर्व निर्मल टाउन और निजामाबाद थाने ने ओवैसी के बंजारा हिल्स स्थित आवास पर नोटिस चस्पा कर पूछताछ के लिए आठ और नौ जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है।
इस बीच अकबरुद्दीन ओवैसी जो फिलहाल कथित तौर पर इलाज के लिए लंदन में हैं, के मामले पर आंध्र प्रदेश के डीजीपी वी. दिनेश रेड्डी ने कहा कि अगर वह पुलिस के सामने पेश नहीं होते है तो हम उन्हें वापस लाने के लिए इंटरपोल से भी मदद लेंगे।
ओवैसी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। उनके खिलाफ देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने या इसकी कोशिश करने, धर्म-जाति-भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने और धार्मिक भावना भड़काने या किसी धर्म या धार्मिक विश्वास का अपमान करने के उद्देश्य से जानबूझ कर की गई कार्रवाई के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी भड़काऊ भाषण देने वाले एमआईएम के सदस्य और अदीलाबाद से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ उतर आया है। बोर्ड के सदस्य मौलाना यासूब अब्बास ने कहा है कि ओवैसी कोई इस्लाम के हीरो नहीं हैं। बल्कि वो इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे लोगों की वजह से ही मुसलमान आतंकवाद की ओर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को प्रोवोक करने वाले ओवैसी को विधायक बने रहने का भी अधिकार नहीं है। ऐसे लोग इस्लाम धर्म के होने के बावजूद इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं।
कौन है अकबरुद्दीन ओवैसी
अकबरुद्दीन ओवैसी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई है। फिलहाल आंध्रप्रदेश में एमआईएम के सात विधायक हैं और अकबरुद्दीन ओवैसी विधानसभा में पार्टी के विधायक दल के नेता हैं। ओवैसी परिवार का हैदराबाद ओल्ड सिटी में पिछले 40 साल से दबदबा है। यहां अल्पसंख्यकों की संख्या 40 फीसदी से ज्यादा है।
लंदन से वकालत की पढ़ाई कर चुके अकबरुद्दीन ओवैसी की छवि आंध्रप्रदेश की राजनीति में बाहुबली विधायक की है। वो लेखिका तस्लीमा नसरीन को जान से मारने की धमकी देने और मुंबई हमले के गुनहगार कसाब को बच्चा कहने की वजह से विवादों में आ चुके हैं।