फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

26/11 की छठी बरसी, अब भी नहीं जागी सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
26/11 के हमले की आज छठीं बरसी है और सरकार सवालों के घेरे में है। राज्य सरकार ने इस घटना से कोई सबक नहीं लिया है।
विज्ञापन


अभी तक मुंबई की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर अमल नहीं हुआ है और न ही सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार और समीक्षा ही की जा सकी है। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से लेकर ताज होटल परिसर में लगातार 60 घंटे तक चली गोलियों 166 लोगों की मौत हो गई थी।

आतंकवादी हमले के बाद राज्य सरकार ने महानगर में 5000 सीसीटीवी कैमरे लगाने का ऐलान किया था। इस घटना के आंकलन के लिए बनी राम प्रधान समिति ने सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार और समीक्षा की सिफारिश भी की थी। पर, सरकार ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन

विज्ञापन

फाइलों में कैद है CCTV कैमरे लगाने की योजना

सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को मुख्यमंत्री कार्यालय ने 2012 में मंजूरी दी। फाइल मुख्य सचिव से होती हुई गृह विभाग और फिर मुख्यमंत्री कार्यालय तक घूमती रही। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण सरकार दावा करती रही कि जल्द ही इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जाएगा।

टेंडर में भारी रकम कोट किए जाने के बाद पूर्व गृहमंत्री आरआर पाटिल ने मामले से हाथ खींच लिया। उसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव रत्नाकर गायकवाड़ की अध्यक्षता में एक समिति गठित हुई, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद कमेटी का कामकाज गुलदस्ते में ही रह गया।

इसी बीच महाराष्ट्र के मंत्रालय में आग लग गई और सीसीटीवी कैमरे से संबंधित फाइलें नष्ट हो गईं। हालांकि अब तक चार बार टेंडर जारी हो चुके हैं लेकिन मुंबई को कैमरे की जद में लाने की योजना पूरी नहीं हो सकी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें