26/11 के हमले की आज छठीं बरसी है और सरकार सवालों के घेरे में है। राज्य सरकार ने इस घटना से कोई सबक नहीं लिया है।
अभी तक मुंबई की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर अमल नहीं हुआ है और न ही सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार और समीक्षा ही की जा सकी है। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से लेकर ताज होटल परिसर में लगातार 60 घंटे तक चली गोलियों 166 लोगों की मौत हो गई थी।
आतंकवादी हमले के बाद राज्य सरकार ने महानगर में 5000 सीसीटीवी कैमरे लगाने का ऐलान किया था। इस घटना के आंकलन के लिए बनी राम प्रधान समिति ने सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार और समीक्षा की सिफारिश भी की थी। पर, सरकार ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।