समाजसेवी अन्ना हजारे 24 फरवरी से भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
अन्ना मेधा पाटकर और 14 संस्थाओं के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठेंगे। अन्ना के इस आंदोलन को दिल्ली में भारी जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी का समर्थन मिल सकता है।
अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के रालेगणसिद्धि में धरने की घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण कानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। वे इसे बर्दास्त नहीं करेंगे।
अन्ना ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून को मोदी सरकार ने काफी लचीला बना दिया है।
विपक्ष ने इसे उद्योगपतियों के हित में उठाया गया कदम करार दिया था और अब अन्ना इसके खिलाफ खड़े हो गए हैं।
हाल ही में अन्ना हजारे ने कहा था कि वे जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ने काला धन देश में वापस लाने का भरोसा दिया था, लेकिन उस पर कोई काम नहीं किया।