समाजसेवी अन्ना हजारे ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी देश की नई सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि ऐसा लग रहा है, अच्छे दिन आने वाले हैं। इसके साथ ही अन्ना हजारे ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि बनारस में मोदी के सामने केजरीवाल नहीं टिक पाएंगे। केजरीवाल को जब जनता ने वोट देकर दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया तो उन्हें लगा कि देश का प्रधानमंत्री भी बना देगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।"
अन्ना हजारे ने मोदी सरकार के बारे में कहा, "नई सरकार आने वाले दिनों में जनता से किए वादों के मुताबिक तस्वीर पेश करेगी। ऐसा भी हो सकता है ये अच्छे दिन जैसा ही हो।"
मोदी की जमकर तारीफ
अन्ना हजारे ने आगे जोड़ा कि हाल ही में गठित 'असली आजादी अभियान' आने वाले 4 से 6 महीनों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों पर करीब से नजर रखेगी। अगर यह सरकार भी लोगों से किए वादे पूरे करने में नाकाम रहती है तो हम देशभर में आंदोलन करेंगे।
अन्ना हजारे ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में ये बातें कही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस निर्देश की भी तारीफ की है जिसमें उन्होंने अपने मंत्रियों से रिश्तेदारों को पीए और निजी स्टाफ नहीं रखने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि नई सरकार की नीतियों को तैयार करने में लोगों की राय लेने पर विचार करने वाली बात से ऐसा लग रहा है कि उनके पास विजन है। अन्ना ने आगे जोड़ा कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार गठबंधन की सरकार के मुकाबले ज्यादा अच्छे से देश में विकास के काम करवा सकती है।
पिछली सरकार पर बरसे अन्ना
ब्लैक मनी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी के गठन को लेकर मोदी सरकार के फैसले की भी अन्ना हजारे ने तारीफ किया है। अन्ना ने कहा, 'देश की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है। ऐसे में सरकार का ये कदम अच्छा है।"
उन्होंने पिछली यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "इससे पहले वाली सरकार ऐसा नहीं कर पाई। शायद इसलिए क्योंकि उस सरकार के कई मंत्री ही घोटालों में शामिल थे। उनके इसी रवैये के चलते यूपीए सरकार को जाना पड़ा।"
कांग्रेस पर उठाए सवाल
आम चुनावों में मोदी की शानदार जीत पर अन्ना हजारे ने कहा कि ये जीत उनकी प्रतिभा और बोलने की अंदाज के कारण मिली है। साथ ही इसमें कहीं न कही पिछली सरकार की नाकामी का भी सहयोग है। अन्ना के मुताबिक, "जनता अब और वंशवादी सरकार नहीं चाहती थी।"
अन्ना हजारे ने कांग्रेस को मां-बेटे की पार्टी बताया साथ ही कहा कि अब इसमें बेटी को शामिल होने की मजबूरी बढ़ गई है।
जब उनसे मोदी के शपथ ग्रहण समारोह मे नहीं होने के बारे में पूछा गया तो अन्ना ने कहा, "मुझे आमंत्रण नहीं मिला था, ऐसे में जाने का सवाल ही नहीं उठता है। हालांकि मैंने मीडिया के जरिए मोदी को शुभकामनाएं दे दी थी।"