फ्रांस की राजधानी पेरिस में हमला करने वाले आतंकियों को 51 करोड़ का इनाम देने की घोषणा कर बसपा नेता और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी बुरी तरह फंस गए हैं। चौतरफा आलोचना और पार्टी हाईकमान की फटकार से याकूब पूरी तरह से बैकफुट पर हैं।
शनिवार को उन पर इसका असर भी दिखा। उन्होंने कहा कि पेरिस में क्या हुआ, वह नहीं जानते। उन्होंने तो सिर्फ डेनमार्क के कार्टूनिस्ट पर इनाम घोषित किया था, किसी और पर नहीं।
बुधवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक साप्ताहिक अखबार के दफ्तर पर हमला कर आतंकियों ने 10 पत्रकारों समेत 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।
इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों को 51 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा कर याकूब कुरैशी पर भारी पड़ गई। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, तो तमाम संगठन और राजनीतिक दल इसके विरोध में तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
याकूब कुरैशी की गिरफ्तारी के लिए एक आईपीएस अधिकारी ने 20 हजार रुपए का इनाम रखा है जिसके बारे में आप अगली स्लाइड में पढ़ेंगे।
याकूब के खिलाफ प्रदर्शन
याकूब के पुतले फूंके जा रहे हैं। यही नहीं, बसपा हाईकमान ने याकूब को तगड़ी फटकार लगाई है। मामला बिगड़ते देख याकूब ने पलटी मार दी है।
अमर उजाला से फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि पेरिस में क्या हुआ था, उन्हें इस बात की जानकारी नही थी। उन्होंने तो सिर्फ डेनमार्क के कार्टूनिस्ट पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था, वह भी वर्ष-2006 में।
पेरिस हमले से उनकी घोषणा का कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि बहुत हो गया। अब वह इस प्रकरण पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। यह जरूर कहा कि उन पर मुकदमा गलत दर्ज हुआ है।
याकूब अब भी इस बात पर अड़े हैं कि जिस कार्टूनिस्ट के सिर पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था, उसकी मौत हो चुकी है।
जबकि बुधवार को भी इंटरनेट पर कार्टूनिस्ट ने खुद को सुरक्षित बताते हुए किसी तरह के डर से इनकार किया था। शनिवार को जब इस बाबत याकूब से बात हुई तो उन्होंने कहा कि उन्हें तो यही पता है कि डेनमार्क का वह कार्टूनिस्ट मर चुका है, जिसके सिर पर उन्होंने इनाम घोषित किया था।
याकूब की गिरफ्तारी पर 20 हजार इनाम
आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने हाजी याकूब कुरैशी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का पुरस्कार व्यक्तिगत रूप से पुलिस पार्टी को देने की घोषणा की है।
इस संबंध में डीजीपी को भेजे एक पत्र में उन्होंने कहा है कि यदि जरूरी हो तो पुलिस टीम को पुरस्कार लेने की औपचारिक अनुमति दी जाए। साथ ही उन्होंने याकूब पर एक और धारा बढ़ाने की मांग की है।
लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी अमिताभ ने अपने पत्र में कहा है कि याकूब कुरैशी ने जिस तरह का कृत्य किया है, उसके अनुसार उन्होंने आईपीसी की धारा 505 (1)(सी) के साथ धारा 153(ए) का भी मामला दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि, दोनों ही धाराओं में तीन-तीन साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन धारा-153 संज्ञेय अपराध है। इस धारा में पुलिस तत्काल विवेचना कर सकेगी और सही पाए जाने पर गिरफ्तारी भी कर सकती है।
साथ ही उन्होंने कहा कि याकूब का कथन पूरी तरह से मानवता के विरुद्घ है। ऐसे में वे उन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को व्यक्तिगत रूप से 20 हजार रुपये का पुरस्कार देंगे। इस तथ्य से एसएसपी मेरठ को भी अवगत कराने का अनुरोध किया है।