भारत की चिंताओं को खारिज करते हुए अमेरिकी कांग्रेस ने लोकप्रिय एच-1बी और एल-1 वीजा के लिए फीस दोगुनी बढ़ा दी है। इसके लिए अब 4500 डॉलर तक खर्च करने पडे़ंगे। अमेरिकी कांग्रेस के इस कदम से भारतीय आईटी कंपनियों पर असर पड़ेगा।
एक दिन पहले बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ फोन पर बातचीत में यह मुद्दा उठाया था। अमेरिका ने 9/11 हेल्थकेयर एक्ट और बायोमेट्रिक ट्रैकिंग सिस्टम के लिए धन उपलब्ध कराने के मकसद से फीस बढ़ाने की बात कही है। अब एच-1बी वीजा के कुछ वर्ग के लिए फीस 4000 डॉलर जबकि एल-1 वीजा के लिए 4500 डॉलर देने होंगे।
वीजा फीस बढ़ाने से अमेरिका को हर साल एक अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इस राशि को अमेरिका में प्रवेश और बाहर जाने के लिए बयोमेट्रिक सिस्टम बनाने पर खर्च किया जाएगा।