31 दिसंबर की रात अरब सागर की भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल संदिग्ध पाकिस्तानी नाव की खुफिया सूचना अमेरिका से मिली थी। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत आने वाले हैं। इसी वजह से अमेरिकी खुफिया तंत्र पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में खास योजना के तहत सक्रिय है।
इसी तंत्र को पाकिस्तान से खुफिया जानकारी मिली थी कि कराची के पास के केटी बंदर से संदिग्ध नाव गुजरात के पोरबंदर की तरफ चलेगी। 26/11 के बाद भारत और अमेरिकी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी की साझेदारी चल रही है।
मगर ओबामा की यात्रा के चलते अमेरिकी खुफिया एजेंसी और उनका सुरक्षा तंत्र खासतौर पर सक्रिय है। अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा के मामले में अमेरिका किसी दूसरे पर भरोसा नहीं करता। अधिकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति की किसी भी विदेश यात्रा के करीब छह हफ्ते पहले अमेरिकी एजेंसी उस देश में पूरी तरह सक्रिय हो जाती है।
अमेरिकी खुफिया एजेसियों की टिकी हैं निगाहें
सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि अमेरिकी एजेंसी ने 31 दिसंबर को सुबह संदिग्ध नाव की जानकारी दी थी। इसी आधार पर भारतीय तटरक्षक बल समेत पूरा सुरक्षा बल अलर्ट हो गया था। निगरानी के दौरान एक नाव ऐसी दिखी, जिस पर कोई झंडा नहीं था।
समुद्र के अंतरराष्ट्रीय करार के मुताबिक सागर में उतरे सभी जहाजों और नावों को झंडा लगाकर रखना पड़ता है, जिसकी जानकारी एक-दूसरे को होती है।
इसी बीच खुफिया एजेंसी एनटीआरओ (नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन) को भी एक इंटरसेप्ट मिला, जिसमें हालात भांप कर कार्रवाई करने का निर्देश और घर वालों को 5-5 लाख रुपये दिए जाने की बात की जा रही थी।
गणतंत्र दिवस पर ओबामा की सुरक्षा को लेकर जद्दोजहद
26/11 में हुई नाकामी से सबक ले चुकी भारतीय एजेंसियों ने अमेरिकी इनपुट और अपने इंटरसेप्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक उस संदिग्ध नाव को ऐसे घेरा गया कि उसके पास पाकिस्तान की ओर भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।
भारत में सक्रिय अमेरिकी एजेंसी भारतीय एजेंसियों के साथ 26 जनवरी की परेड में राष्ट्रपति बराक ओबामा के एक ही जगह बैठे रहने पर जद्दोजहद कर रही है। अमेरिकी एजेंसी चाहती है कि सुरक्षा के लिहाज से ओबामा को एक जगह 20 मिनट से ज्यादा नहीं बैठे रहना चाहिए।
उन्हें हर 20 मिनट के बाद जगह बदलनी होगी जबकि भारतीय एजेंसियों की मुसीबत यह है कि करीब दो से ढाई घंटे तक चलने वाली परेड में ओबामा को पांच से छह बार जगह कैसे बदलवाई जाए।