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यूपी: 29334 शिक्षक भर्ती पर कोर्ट का बड़ा फैसला

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जूनियर हाईस्कूलों में गणित-विज्ञान के 29334 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र देने के मामले में सरकार को एक और मोहलत मिल गई है।
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अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को चार सप्ताह की मोहलत दी है। इसके बाद उनको स्वयं अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। दीपक शर्मा और अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने यह आदेश दिया।

याची का कहना था कि 29334 गणित-विज्ञान के सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र देने के संबंध में हाईकोर्ट ने कई बार आदेश दिया।

29 मई 2014 को ब्रह्देव यादव की याचिका पर, 12 जून 2014 को अनिल कुमार दीक्षित की विशेष अपील पर, सात अप्रैल 2015 को ब्रह्मदेव यादव की विशेष अपील पर, फिर 30 अप्रैल 2015 को संतोष कुमार मिश्र की याचिका पर और 15 मई 2015 को भारत सुमन की विशेष अपील पर हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए हैं।
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अवमानना याचिका पर सरकार को मोहलत

प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने आदेश के अनुपालन हेतु चार सप्ताह का और समय दिए जाने की मांग की। याचीगण के वकील शैलेंद्र ने कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे तरीके अपना रही है जिससे नियुक्ति पत्र देने में विलंब हो। इसकी वजह से पूरे प्रदेश के जूनियर हाईस्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है।

कोर्ट ने चार सप्ताह की और मोहलत देते हुए सरकार को अगली तारीख पर आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल को कहा है। ऐसा नहीं करने पर प्रमुख सचिव हीरालाल गुप्ता को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा।

उल्लेखनीय है कि जूनियर हाईस्कूलों में गणित और विज्ञान के 29334 सहायक अध्यापकों की सीधी नियुक्ति को प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने चुनौती दी थी। उनकी मांग थी पहले रिक्त पद प्रोन्नति के द्वारा भरे जाएं। इसकी वजह मामला अदालत पहुंच गया था। अब अदालत के आदेश के बावजूद भी नियुक्तिपत्र नहीं मिल पा रहा है।
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